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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 16, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मंत्री राधेश्याम सिंह की चल संपत्ति कुर्क करने का आदेश

By Nawal MishraEdited By:
Updated: Sat, 16 Jul 2016 11:29 PM (IST)

कुशीनगर के कसया अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी पीके जयंत ने कृषि व शिक्षा राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह के विरुद्ध चल संपत्ति को कुर्क करने का आदेश दिया है।

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कुशीनगर (जेएनएन)। कुशीनगर के कसया के अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी पीके जयंत ने हाटा के सपा विधायक व कृषि व शिक्षा राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह के विरुद्ध उनकी चल संपत्ति को कुर्क करने का आदेश दिया है। डीएम को चल संपत्ति का ब्यौरा देने एवं एसपी को एक सप्ताह के अंदर कार्रवाई सुनिश्चित कराने व रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए पत्र भी लिखा है।

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18 नवंबर 2009 को अवर अभियंता सिंचाई सेतु निगम देवरिया ने मुकदमा दर्ज कराया था कि विधायक ने छोटी गंडक से देवराड़ पिपरा घाट के नवनिर्मित पुल पर चुपके से अपने नाम का शिलापट्ट लगवा दिया। दूसरा मामला हाटा कोतवाली क्षेत्र के गांव सिकटिया का है। वहां एक मंदिर से मूर्ति चोरी हुई थी। पुलिस ने मूर्ति बरामद करने के साथ दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया था। उन्होंने पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारी के विरोध में रास्ता जाम कर दिया था। विधायक का कहना था कि दोनों को जबरिया फंसाया गया है। तब पुलिस ने विधायक समेत 21 अन्य नामजद लोगों के विरुद्ध राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने, गाली देने, सरकारी कार्य में बांधा डालने व दहशत फैलाने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज किया था। दोनों मामलों में राज्यमंत्री जब न्यायालय में हाजिर नहीं हुए तो गैर जमानती वारंट जारी हुआ। तब भी वह हाजिर नहीं हुए। अंत में न्यायालय ने आज उनकी सभी चल संपत्ति कुर्क कर एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट न्यायालय को प्रेषित करने का आदेश दिया।

न्यायालय के आदेश का सम्मान

राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह ने कहा कि न्यायालय के निर्णय का सम्मान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लंबित मामले पूरी तरह राजनीतिक हैं।