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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 31, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    कैद में चार किसानों की जान ले चुकी नरभक्षी बाघिन

    By Nawal MishraEdited By:
    Updated: Wed, 31 Aug 2016 05:12 PM (IST)

    लखीमपुर के मैलानी जंगल में डेरा डाले वन विभाग की टीम बाघिन को पकड़ने में सफल हो गई है। आदमखोर बाघिन को ट्रेकुलाइज कर पकड़ा गया है। ...और पढ़ें

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    लखीमपुर (जेएनएन)। लखीमपुर के मैलानी जंगल में डेरा डाले वन विभाग की टीम बाघिन को पकड़ने में सफल हो गई है। आदमखोर बाघिन को ट्रेकुलाइज कर पकड़ा गया है। अब उसे ट्रैक्टर ट्रॉली पर लाद कर लाया गया है। उल्लेखनीय है कि शाहजहांपुर और लखीमपुर जिलों की वन टीमें कई दिन से काबिंग में जुटी थीं और बाघ उनकी मौजूदगी में ग्रामीण को निवाला बना रहा था। इससे गुस्साए लोगों ने मैलानी रेंज के वन रेंजर की पिटाई कर दी। इसके बाद खूंखार बाघिन को आदमखोर घोषित कर दिया गया था। जिसे देखते ही गोली मारने के आदेश थे । बाघिन 15 दिन में चार इंसानों को निवाला बना चुकी थी। हालांकि आज वन टीम को बड़ी सफलता मिल गई।

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    प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य जीव) एवं मुख्य वन्य जीव अधीक्षक एस के शर्मा ने आदमखोर हिंसक बाघिन को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए थे। बताते हैं कि मैलानी क्षेत्र के भरगवां गांव निवासी जानकी प्रसाद (50) साढ़ू चमरपुर सुआबोझ गांव निवासी वीरेंद्र के घर आए थे। वीरेंद्र को धान के खेत में पानी लगाना था, इसलिए वह जानकी प्रसाद लेकर खेत पर चले गए। कुछ देर बाद प्यास लगने पर वीरेंद्र बोतल में पानी लेने के लिए चले गए। इसी बीच वहां पर बाघ आ गया और खेत में मौजूद जानकी प्रसाद पर हमला बोल दिया। जब तक आसपास खेतों में मौजूद लोग कुछ कर पाते, बाघ खींचकर जानकी को खींचकर गन्ने के खेत में घुस गया। घटना के समय लखीमपुर व शाहजहांपुर की वन विभाग की टीमें इलाके में काबिंग कर रहीं थीं। वे बाघ की सूचना पर पहुंची थीं। ट्रैक्टर के सहारे वे गन्ने के खेत में पहुंचे तो बाघ भाग गया। ग्रामीण अधखाया शव बाहर ले आए। इसके बाद ग्रामीणों और वन टीम के बीच टकराव हो गया था।

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