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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 26, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गंगा नदी में डूबा एल्बा पावर प्लाट

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Updated: Sat, 26 Jul 2014 03:25 PM (IST)

लखनऊ। वाराणसी के रामनगर बलुआ घाट के सामने कल देर रात सेतु निगम का एल्बा पावर प्लाट गंग

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लखनऊ। वाराणसी के रामनगर बलुआ घाट के सामने कल देर रात सेतु निगम का एल्बा पावर प्लाट गंगा में डूब गया। इससे बलुआ घाट से सामने घाट के बीच बन रहे पक्का पुल के निर्माण की गति को ब्रेक लग गया। हालाकि रात के वक्त हादसा होने से कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।

एल्बा पावर प्लाट पुल निर्माण में प्रयुक्त होने वाले गिंट्टी, बालू, सीमेंट आदि को लेकर गुरुवार रात करीब तीन बजे एक छोर से साइट पर जा रहा था कि अचानक डूबने लगा। कर्मचारियों के शोरगुल से घाट किनारे सो रहे लोग व अन्य कर्मचारियों को जानकारी हुई तो अफरातफरी मच गई। आनन फानन में तत्काल मोबाइल से इसकी सूचना अवर अभियंता आफताब आलम को दी। इस दौरान कर्मचारी डूब रहे एल्बा पावर प्लाट को बचाने का प्रयास करने लगे। स्टीमर की मदद से उसे बलुआ घाट की ओर ले जाने लगे। इस बीच मौके पर अवर अभियंता भी पहुंच गए। काफी मशक्कत के बाद भी प्लाट को बचाया नहीं जा सका। एल्बा पावर प्लाट घाट किनारे पहुंचने के पहले ही डूब गया। पावर प्लाट के गंगा में समाने से सेतु निगम को करीब पाच करोड़ की आर्थिक क्षति हुई। इससे पुल निर्माण की गति को झटका लग गया। ंकर्मचारी पूर्व में ही दबे जुबान इसकी आशका जता रहे थे। उनका कहना था कि यदि समय रहते अधिकारी इस ओर ध्यान देते तो शायद ऐसा नहीं होता।

सेतु निगम के अधिकारियों का कहना है कि यदि प्लाट पर गिंट्टी, बालू व सीमेंट लोडिंग के वक्त पानी भरने की जानकारी होती तो पंप लगाकर इसे बचा लिया जाता। शाम को लोडिंग करते समय इसका जरा भी आभास नहीं हुआ। पावर प्लाट को पानी से निकालने के लिए क्रेन की मदद ली जा रही है।