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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 27, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सरकार कोई हो, नाक दबाने से मुंह अपने आप खुल जाएगा : अन्ना

By Nawal MishraEdited By:
Updated: Fri, 27 Feb 2015 08:32 PM (IST)

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने किसानों के हक के मसले पर संघर्ष का आह्वान किया। कहा कि जितना बड़ा संघर्ष होगा, उतनी बड़ी कामयाबी मिलेगी। बिजनौर से दिल्ली वापसी के दौरान अन्ना हजारे आज सुबह मेरठ से गुजरे तो समर्थकों ने कई जगह स्वागत किया। इस दौरान मेरठ नागरिक मंच

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लखनऊ। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने किसानों के हक के मसले पर संघर्ष का आह्वान किया। कहा कि जितना बड़ा संघर्ष होगा, उतनी बड़ी कामयाबी मिलेगी। बिजनौर से दिल्ली वापसी के दौरान अन्ना हजारे आज सुबह मेरठ से गुजरे तो समर्थकों ने कई जगह स्वागत किया। इस दौरान मेरठ नागरिक मंच के संयोजक पंकज शर्मा एवं संरक्षक मेजर हिमांशु ने अन्ना को मेरठ विकास प्राधिकरण व प्रदेश सरकार के फरमान पर अल्प आय वर्ग के मकानों पर मूल कीमत से 20 गुना ज्यादा ब्याज लगाकर आवंटन निरस्तीकरण की नोटिस चस्पा करने पर इसके खिलाफ मदद की अपील की। अन्ना ने कहा कि वह इस संदर्भ में जो कुछ कर सकेंगे, करेंगे। आह्वान किया कि संघर्ष करना बहुत जरूरी है। जितना बड़ा संघर्ष करेंगे, उतनी ही मदद मिलेगी। उन्होंने महाराष्ट्र का उदाहरण दिया कि वहां उन्होंने संगठन बनाया और दो सरकारें गिर गईं। संगठन में इतनी शक्ति होनी चाहिए कि सरकार न माने तो वह गिर जानी चाहिए। कोई सरकार हो, नाक दबाने से मुंह अपने आप खुल जाता है। महिला कार्यकर्ताओं ने अन्ना को राखी बांधी। यहां से वह दिल्ली रवाना हो गए।

सफेद धोती-कुर्ता और टोपी में वही अन्ना थे, लेकिन कम से कम आज मेरठ में उनका वह जादू नहीं दिखा, जिसके पीछे कभी बच्चे से लेकर बूढ़ों तक पागलपन दिखता था। पांच गाडिय़ों में उनका काफिला यहां से निकला। मेरठ सीमा में तीन-चार स्थानों पर स्वागत हुआ, लेकिन चेहरे मुट्ठी भर थे।