यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 07, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अंबेडकर के खिलाफ बयान पर आजम खां माफी मांगे : मायावती
मंत्री आजम खां द्वारा डा.भीमराव अंबेडकर को लेकर विवादित टिप्पणी किए जाने से नाराज बसपा मुखिया मायावती ने आजम से माफी मांगने को कहा है।

लखनऊ (राज्य ब्यूरो)। मंत्री आजम खां द्वारा डा.भीमराव अंबेडकर को लेकर विवादित टिप्पणी किए जाने से नाराज बसपा मुखिया मायावती ने आजम से माफी मांगने को कहा है। आज जारी विज्ञप्ति में आरोप लगाया कि विवादित बयान सपा की जातिवादी चुनावी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। ऐसा हो तो कोई बात नहीं वरना लोगों की भावना को ठेस पहुंचाने पर आजम खां को सच्चे दिल से माफी मांगनी चाहिए।
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आजम खां के विवादित बयान से गर्माए राजनीतिक माहौल में भाजपा के बाद बसपा भी कूद गई। बसपा प्रमुख ने कहा कि सपा सरकार की जातिवादी नीति से प्रभावित आजम खां से बाबा साहब के सम्मान की उम्मीद तो नहीं थी लेकिन अपमानजनक बयानबाजी नहीं करनी चाहिए थी। आजम खां ने ऐसा कर करोड़ों देशवासियों के मन को ठेस पहुंचायी है। बाबा साहब ने दलितों, पिछड़ों व अल्पसंख्यकों को बराबरी का हक दिलाने के लिए संघर्ष किया।
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मायावती ने कहा कि अंबेडकर ने भारत को हिंदू राष्ट्र का दर्जा देने से रोकते हुए एक धर्मनिरपेक्ष देश बनाने का काम किया। अंबेडकर जैसे महान व्यक्तित्व के बारे में कहने से पहले आजम जैसे जिम्मेदार व्यक्ति को दस बार सोचना चाहिए था। लोग यह उम्मीद करते थे कि आजम बाबा का सम्मान करेंगे। ऐसा नहीं हो सका तो डा.अंबेडकर के अनुयायियों की भावना आहत हुई। कांग्रेस व भाजपा जैसी पार्टियां डा.अंबेडकर का नाम लेकर चुनावी लाभ लेती रही हैं और इसके लिए उपहास का पात्र भी बन जाती हैं।

