यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 12, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भाजपा कार्यकारिणी यानी उत्तर प्रदेश फतह के लिए व्यूह रचना
देश के पांच महत्वपूर्ण राज्यों में चुनाव होने वाले हैं। इनमें उत्तर प्रदेश भी शामिल है। ऐसे में भाजपा संगठन के दृष्टिकोण से अगले तीन महीने अहम होंगे। संगम मंथन का अहम विषय यही रहा।

लखनऊ (जेएनएन)। उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों के चुनाव होने जा रहे हैं। ऐसे में संगठन के दृष्टिकोण से अगले तीन महीने बेहद अहम होंगे। राष्ट्रीय से लेकर राज्य स्तर पर नई टीम का गठन होना है। ये परिदृश्य ध्यान में रखते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने इलाहाबाद में यूपी फतेह करने की रणनीति गढ़ी।
सुबह दस बजे से ही कान्हाश्याम होटल में पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों, मंत्रियों और प्रदेश स्तर के शीर्ष नेताओं के साथ बैठक शुरू हुई। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि समय के साथ संगठन में बदलाव जरूरी है। यूपी में जीत का माहौल तैयार है, बस उसे पार्टी को भुनाने की जरूरत है। इसमें संगठन की भूमिका सबसे अहम होगी। साथ ही केंद्र के दो साल के कार्यकाल की उपलब्धियां महती भूमिका निभाएंगी।
बेहद गोपनीय रही इस बैठक का खुलासा तो पार्टी पदाधिकारी नहीं कर रहे हैं, लेकिन सूत्र बताते हैं कि राष्ट्रीय स्तर पर नई कार्यकारिणी में उत्तर प्रदेश को बेहतर स्थान मिलने की उम्मीद है। बैठक में यूपी चुनाव में उठने वाले मुद्दों पर भी गहन मंत्रणा की गई। अगले तीन महीने में सांगठनिक स्तर पर होने वाली गतिविधियों को लेकर जिम्मेदारी भी सौंपी गई। यूपी में कानून व्यवस्था को सबसे बड़ा मुद्दा बनाने की बात लगभग तय हुई। भले ही पार्टी यूपी में मुख्य प्रतिद्वंद्वी सपा को बता रही हो, लेकिन इस आंतरिक बैठक में बसपा को कमजोर करने और कमजोर कडिय़ों पर वार करने पर भी चर्चा हुई। समाजवादी पार्टी की कमजोर कड़ी जहां परिवारवाद, जातिवाद और खराब कानून व्यवस्था माना गया, वहीं बसपा सरकार में व्यापक भ्रष्टाचार को लेकर पार्टी ने निशाना साधने का मन बना लिया है। हालांकि बैठक के विषय में पार्टी प्रवक्ता व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि अगले तीन माह में पार्टी की गतिविधियों पर चर्चा हुई है। समापन सत्र को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संबोधित किया।

