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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 01, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यूपी के सेतु निगम अफसरों को फांसी दे दी जाए: आजम

By Nawal MishraEdited By:
Updated: Fri, 01 Jul 2016 08:34 PM (IST)

आरोपों से तिलमिलाए कैबिनेट मंत्री आजम खां ने कहा कि सेतु निगम के जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर एनएसए लगाई जाए और फांसी की सजा दे दी जाए।

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लखनऊ (जेएनएन)। सेतु निगम अफसरों द्वारा मोर्चा खोलने और आरोपों से आरोपों से तिलमिलाए नगर विकास मंत्री आजम खां ने कहा कि जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर एनएसए लगाई जाए और इन्हें फांसी की सजा दे दी जाए। ये अफसर मजदूरों का मस्टररोल देने के बजाय हम पर अभद्रता का आरोप लगा तो रहे हैं पर इससे वे कार्रवाई से बच नहीं सकते।

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ध्यान रहे सेतु निगम के इंजीनियरों ने दो दिन पहले आजम पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए प्रदेशव्यापी हड़ताल कर दी थी। इंजीनियरों का आरोप था कि आजम ने 25 जून को फ्लाईओवर के निरीक्षण के दौरान उप परियोजना प्रबंधक आरके अग्रवाल से अभद्रता की। आज रामपुर में आजम ने मीडिया से कहा कि सेतु निगम ने जौहर विश्वविद्यालय के पास साढ़े चार किमी लंबा फ्लाईओवर इतने घटिया मैटेरियल से बनाया कि डेढ़ साल पहले भी पिलर गिर गए थे, तब उन अधिकारियों को यहां से हटा दिया गया था, लेकिन इंजीनियर फिर भी घटिया सामग्री लगाते रहे। दस दिन पहले गांव के लोगों ने बताया था कि पिलर गिरने से दो मजदूर मर गए हैं, कई जख्मी हुए हैं। हम निरीक्षण करने गए, तो वहां पिलर का मलबा पड़ा देखा। अफसरों से मजदूरों का मस्टररोल मांगा, तो नहीं दिखा पाए। कार्रवाई के लिए कहा तो हम पर ही अभद्रता का आरोप लगा दिया और हड़ताल भी कर दी।

सीजेएम कोर्ट में तलबी अर्जी पर टली सुनवाई

कश्मीर पर विवादित बयान के मामले में वकीलों की हड़ताल के चलते तलबी अर्जी पर सुनवाई टल गई। अब 12 जुलाई को सुनवाई होगी। 21 सितंबर 2010 को बड़े सरकार की दरगाह पर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री आजम खां ने प्रेस को बयान दिया था कि केंद्र सरकार के पास एक ही मुस्लिम मंत्री गुलाम नबी आजाद हैं। वह भी उस कश्मीर के हैं जिसका भूगोल में यह पता नहीं कि वह भारत में है या पाकिस्तान में। उज्ज्वल गुप्ता ने मामले को देशद्रोह मानते हुए बदायूं के थाना कोतवाली सदर में तहरीर दी लेकिन रिपोर्ट नहीं लिखी गई। तब सीजेएम के यहां अर्जी देकर मुकदमा कायम कराया था। थाना कोतवाली पुलिस ने दो बार फाइनल रिपोर्ट लगा दी। इसे सीजेएम ने खारिज करते हुए मुकदमा परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया था। वादी व चार गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं। शुक्रवार को तलबी अर्जी पर सुनवाई होनी थी। जुमा अलविदा के चलते वकीलों की हड़ताल के चलते 12 जुलाई की तारीख सुनवाई के लिए दी गई है।