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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 01, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    विधान परिषद में बोले मुख्यमंत्री, हर जगह चाचा-भतीजा के मामले

    By Nawal MishraEdited By:
    Updated: Thu, 01 Sep 2016 08:40 PM (IST)

    मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आज विधानपरिषद में प्रसंगवश कह डाला कि 'चाचा-भतीजे के मामले तो हर जगह हैं। आप भी जानते हैं और हम भी जानते हैं।' ...और पढ़ें

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    लखनऊ (राज्य ब्यूरो)। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के अपने चाचा और लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव से भले ही मतभेद दूर हो गये हों लेकिन उनको कसक जरूर है। आज जब वह विधान परिषद में आए तो प्रसंगवश उनके मन के गुबार बाहर आ गए। कहा कि 'चाचा-भतीजे के मामले तो हर जगह हैं। आप भी जानते हैं और हम भी जानते हैं।'

    मुख्यमंत्री जिस समय सदन में आए उस समय बांदा मेडिकल कालेज के मसले पर बसपा के कार्यस्थगन प्रस्ताव पर नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी और नेता सदन अहमद हसन के बीच नोकझोंक चल रही थी। सिद्दीकी हमेशा सदन में हसन को चचा कहते हुए तंज कसते हैं और हसन भी पलटवार करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर अखबारों में चाचा-भतीजे की चर्चा के बारे में पढ़ता हूं। मैं कहना चाहता हूं कि ये चाचा-भतीजे वाली बातें तो हर जगह होती रहती हैं। पूरा सदन ठहाके मारकर हंस पड़ा लेकिन इस टिप्पणी के गंभीर निहितार्थ भी निकाले गये। शिवपाल के बाद अभी हाल ही में सपा सांसद अमर सिंह ने मुख्यमंत्री को लेकर रंजो-गम जाहिर किया था। अमर को भी मुख्यमंत्री अंकल कहते हैं। सभापति रमेश यादव ने बसपा के कार्यस्थगन के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया और सरकार को आवश्यक कार्यवाही के लिए निर्देशित किया।

    आप तो किसी दल में नहीं जा रहे? मुख्यमंत्री ने सिद्दीकी से कहा कि आपकी नेता मुझे कहती हैं कि बुआ न कहूं। आप बताइए मैं क्या कहूं? आप जो कह देंगे वहीं कहूंगा। हमने तो उनके कहने पर भाजपा नेता को जेल भिजवा दिया। जब हमने लैपटाप बांटे तो आपके एक नेता (स्वामी प्रसाद मौर्य) कहते थे कि झुनझुना बांट रहे हैं। अब आप लोगों को छोड़कर कहीं और चले गए हैं। फिर उन्होंने सिद्दीकी से पूछा आप भी तो कहीं नहीं जा रहे हैं। सिद्दीकी को जवाब देने का मौका नहीं मिला क्योंकि सभापति ने मुख्यमंत्री के संबोधन के बाद धन्यवाद ज्ञापन शुरू कर दिया।

    सिद्दीकी ने तारीफ की

    नसीमुद्दीन ने कई बार कहा कि मुख्यमंत्री ने बांदा मेडिकल कालेज का उद्घाटन किया तो मैं उनकी तारीफ कर रहा हूं लेकिन चचा समझ नहीं पा रहे। सिद्दीकी ने शेर भी सुनाया- 'हवेली झोपड़ी सबका मुकद्दर टूट जाएगा, अगर हमारा आपका साथ छूट जाएगा।' मुख्यमंत्री इससे पिघले नहीं और बसपा सरकार के कार्यों पर तीरों की बौछार शुरू कर दी। कहा कि जालौन में मेडिकल कालेज बन गया था लेकिन पांच वर्ष तक आप लोगों ने उसे शुरू नहीं होने दिया। रायबरेली में एम्स नहीं बनने दिया लेकिन सपा सरकार आयी तो रायबरेली में काम शुरू हो गया और गोरखपुर में भी एम्स को जमीन दी। बांदा आपका जिला है और हम वहां दो बार गए और आपकी सरकार में शुरू हुए बांदा मेडिकल कालेज को चलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। मुख्यमंत्री ने कहा मैं सदस्य तो विधान परिषद का ही हूं लेकिन यहां कम आ पाता हूं। इसके पहले शिक्षक संघ सदस्यों ने माध्यमिक विद्यालयों से संबंधित मुद्दों पर कार्यवाही रोककर चर्चा की मांग की जिसे सभापति ने अपने चैंबर से हल करने का आश्वासन दिया। शिक्षक दल के नेता ओमप्रकाश शर्मा ने शिक्षकों को चिकित्सा सुविधा बहाल करने की मांग उठायी तो मुख्यमंत्री ने उन्हें विचार करने का भरोसा दिया।

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    टार्च की रोशनी में ऑपरेशन

    नसीमुद्दीन ने चित्रकूट मंडल में चिकित्सा व्यवस्था की बात करते हुए कहा कि बिजली चली जाती है तो टार्च की रोशनी में ऑपरेशन किया जाता है। नेता सदन अहमद हसन ने इसे खारिज किया और कहा कि झांसी मंडल में 24 घंटे बिजली दी जा रही है। सिद्दीकी ने कहा कि बांदा झांसी मंडल में नहीं है चचा, अपना ज्ञान बढ़ाइए।

    विधायक निधि बढ़ाने पर करें विचार

    नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि विधायकों का पेंशन और वेतन तो बढ़ गया लेकिन क्षेत्र में यह आरोप लगेगा कि अपने लिए सब बढ़ा लिया। उन्होंने जोर दिया कि विधायक निधि बढ़ाने पर भी विचार किया जाए।