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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 01, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    जवाहरबागः सत्याग्रहियों ने मैदान में उतारे बच्चों और महिलाओं के जत्थे

    By Nawal MishraEdited By:
    Updated: Wed, 01 Jun 2016 08:27 PM (IST)

    मथुरा के जवाहरबाग खाली कराने को कूच करते लोग कलक्ट्रेट पर पुलिस, पीएसी और अफसरों से जूझते रहे मगर प्रदर्शनकारियों में कुछ महिलाएं पुलिस को गच्चा देकर ...और पढ़ें

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    लखनऊ। मथुरा में आज दोपहर मौसम की तपिश से ज्यादा जवाहरबाग खाली कराने की गर्मी थी। घोषणा के तहत बाग खाली कराने को कूच करते लोग तो कलक्ट्रेट पर ही पुलिस, पीएसी और अफसरों से ही जूझते रहे, मगर प्रदर्शनकारियों में से कुछ महिलाएं पुलिस को गच्चा देकर जवाहरबाग गेट तक पहुंच गईं और सत्याग्रहियों को ललकारा। सत्याग्रही भी सतर्क हो गए थे और उन्होंने भी हिलाओं और बच्चों के जत्थे मैदान में उतार दिए। दोनों ओर से तीखी तकरार के बीच सुरक्षा बलों ने जैसे-तैसे माहौल शांत किया। जवाहरबाग को कथित सत्याग्रहियों के कब्जे से मुक्त कराने को गठित संघर्ष समिति की कमान सर्वदलीय किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष रामबाबू सिंह कटैलिया को सौंपी थी। इसमें रालोद, भाजपा, आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, ट्रेड यूनियन के नेता शामिल है। समिति को विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को भी समर्थन प्राप्त है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत समिति को बुधवार सुबह जवाहरबाग की तरफ कूच करना था। इसके लिए बड़ी संख्या में भीड़ एसएसपी कार्यालय के सामने सुबह एकत्र हुई थी। सभास्थल पर भीड़ के जमा होते ही प्रशासन और पुलिस सक्रिय हो गई और टकराव टालने की रणनीति बनाने में जुट गई।

    दोपहर करीब एक बजे सभास्थल से रालोद नेता कुंवर नरेंद्र ङ्क्षसह अपने समर्थकों के साथ जवाहरबाग की तरफ बढ़े, जबकि रामबाबू सिंह कटैलिया और अन्य नेता धरनास्थल पर ही जमे रहे थे। इस दौरान मान मंदिर ट्रस्ट के सचिव सुनील कुमार, राधाकांत शास्त्री और भाकियू के हरेश ठेनुआ भी आ गए। पहले से टकराव को रोकने के लिए तैयार खड़ी पुलिस ने डीएम कार्यालय के गेट के सामने बैरीकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। काफी जिद्दोजहद के बाद भी भीड़ आगे नहीं बढ़ पाई।

    इस बीच महिला कांग्रेस की पूर्व जिलाध्यक्ष लता चौहान और रालोद की महिला जिलाध्यक्ष संजू चौधरी अपने समर्थकों को लेकर पुलिस की नजरों से बचकर जवाहरबाग के मुख्य गेट पर पहुंच गईं। यहां पर पहले से ही लाठी-डंडे लेकर खड़े कथित सत्याग्रहियों जवाहरखाली करने के लिए ललकारा। जवाहरबाग में प्रवेश की भी कोशिश की। इस पर कथित सत्याग्रही महिलाओं का जत्था भी जवाहर बाग से हाथों में लाठी-डंडे लेकर सामने आ गया। सत्याग्रहियों ने बच्चों को भी मैदान में उतार दिया। दोनों तरफ से जमकर नारेबाजी हुई। पुलिस ने जैसे-तैसे टकराव को टाला। एसएसपी कार्यालय के सामने हुई सभा में एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी ने संघर्ष समिति से जवाहरबाग को कथित सत्याग्रहियों से अगले 24 घंटे में खाली कराए जाने का समय मांगा। समिति ने अपनी सहमति दे दी और प्रदर्शन को स्थगित कर दिया गया।