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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 24, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मुख्तार अंसारी व सरकार में मिलीभगत : साक्षी महाराज

By Ashish MishraEdited By:
Updated: Sat, 25 Jun 2016 09:38 AM (IST)

उन्नाव से भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने माफिया डान मुख्तार अंसारी के सपा में शामिल होने पर कहा कि यह गुंडों की पार्टी है।

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लखनऊ (जेएनएन)। उन्नाव से भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने माफिया डान मुख्तार अंसारी के सपा में शामिल होने पर कहा कि यह गुंडों की पार्टी है। मुख्तार को आगरा से लखनऊ जेल ट्रांसफर किए जाने से यह साबित भी हो गया कि सब मिलीभगत से हो रहा है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस सब के बीच अपनी छवि को सुधारने के प्रयास किया था उसका भी पटाक्षेप हो गया।

उन्होंने बसपा छोड़ बाहर हुए स्वामी प्रसाद मौर्य के लिए कहा कि उन्होंने विधानसभा में ही सपा को गुंडों की पार्टी बताया था और आज भी वह उस पर कायम हैं। अब उन्हें खुद ही फैसला लेना है कि वह अपनी पार्टी बनाते हैं या फिर सूबे में सुशासन के लिए मोदी का सहयोग करना चाहते हैं।

शुक्रवार को अपने संसदीय क्षेत्र में दो दिवसीय दौरे पर आए साक्षी महाराज ने आजम खां पर निशाना साधते हुए कहा कि जौहर विश्वविद्यालय को लेकर एक और कठिनाई का समय उनके लिए आने वाला है। वह अल्पसंख्यक संस्थान नहीं हो सकता। विधानसभा में प्रस्ताव पास हुआ है पैसा सरकार का लगा है, जबकि अल्पसंख्यक विश्वविद्यालय वही हो सकता है जिसमें अल्पसंख्यकों का पैसा लगा हो, जैसे अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय अल्पसंख्यक संस्थान नहीं हो सकता वैसा ही नियम जौहर विश्वविद्यालय पर भी लागू होता है। साक्षी महाराज ने दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि जो स्वयं बेनकाब हो गया है वो मोदी के कौन से कामों को बेनकाब करेगा। मोदी का जीवन खुली किताब है, उनकी एक एक योजनाएं विश्व, जन कल्याण के लिए हैं, केजरीवाल पगला गए हैं उनसे अब सरकार नहीं चलनी उन्हें अब इस्तीफा दे देना चाहिए ऐसा न हो की उन्हें बर्खास्त करना पड़े।

कोई ताकत नहीं रोक सकती राममंदिर का निर्माण

साक्षी महाराज ने कहा कि बाबरी मस्जिद तोड़ी ही नहीं गई, वह तो हमारे प्रभु श्रीराम का घर था। रामलला उसमें बैठे थे अपने पुराने घर को तोड़ के नया घर बनाने का प्रयास किया। अब उसमें सरकार ने व्यवधान खड़ा कर दिया तो मामला कोर्ट में है। सुप्रीम कोर्ट को इस मामले में जल्दी से जल्दी निर्णय करना चाहिए। निर्णय हो या सहमति बने या फिर लोकसभा में प्रस्ताव पास हो, अयोध्या में श्रीराम का मंदिर बनने से दुनिया की कोई ताकत रोक नहीं सकती है।