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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 08, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

देश संविधान से चलता है, शिवसेना नहीं चलाती : नकवी

By Ashish MishraEdited By:
Updated: Mon, 08 Feb 2016 05:43 PM (IST)

रामपुर में मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि 'देश शिवसेना नहीं चलाती है। यहां कोई भी सांस्कृतिक कार्यक्रम कोई भी संस्था कर सकती है। पाकिस्तान की सभ्यता और संस्कृति से कोई कॉम्पिटीशन करने की जरूरत नहीं है। हम उनकी सोच पर नहीं चल सकते।

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लखनऊ। रामपुर में मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि 'देश शिवसेना नहीं चलाती है। यहां कोई भी सांस्कृतिक कार्यक्रम कोई भी संस्था कर सकती है। पाकिस्तान की सभ्यता और संस्कृति से कोई कॉम्पिटीशन करने की जरूरत नहीं है। हम उनकी सोच पर नहीं चल सकते। देश संविधान से चलता है।'उन्होंने ये बातें रामपुर में मीडिया से कही। महाराष्ट्र के शनि शिंगणापुर मंदिर में महिलाओं के जाने पर रोक को लेकर कहा कि सभी धर्मों में महिलाओं को समानता के अधिकार का उल्लेख है। धर्म के नाम पर अधर्म करने की इजाजत किसी को नहीं होना चाहिए। वहीं, उमर अब्दुल्ला द्वारा बीजेपी को सलाह देने पर कहा कि हमने उनसे कभी कुछ नहीं कहा, बिना मांगी सलाह वह हमें न दें। जम्मू-कश्मीर में मिले जनादेश का सम्मान किया जाएगा।

यूपी में अससुद्दीन ओवैसी के दलित कार्ड खेलने के सवाल पर कहा कि ये फूंकी हुई बंदूकें और छूटे हुए कारतूस हैं। ये साम्प्रदायिक उन्माद फैलाने में कभी कामयाब नहीं होंगे। यूपी में बहुमत के साथ बीजेपी सरकार बनाएगी। ओवैसी साम्प्रदायिक उन्माद फैलाकर और जातिवादी माहौल खराब करके राजनीति की सीढिय़ां चढऩा चाहते हैं।

नकवी ने कहा कि राम मंदिर का मुद्दा कोर्ट में है और उसका फैसला कोर्ट करेगी या फिर आपसी बातचीत सहमति के आधार पर होगा। जहां तक सरकार का सवाल है, हमारी भूमिका बहुत स्पष्ट है कि कोर्ट के निर्णय का सबको सम्मान करना चाहिए।

इंतजार करना चाहिए या आपसी बातचीत या सहमति के आधार पर इस मुद्दे का समाधान होना चाहिए। बीजेपी सरकार कोर्ट की भूमिका और निर्णय पर यकीन करती है।

बजट सत्र सही ढंग नहीं चल पाने के सवाल पर नकवी ने कहा कि कांग्रेस और उनके साथी देश की तरक्की में बाधा पहुंचाना चाहते हैं। किसी भी काम में बाधा और अड़चन लगाना देशहित में नहीं है। बजट सत्र सकारात्मक और रचनात्मक होना चाहिए। पॉलिटिकल पाखंड नहीं होना चाहिए। महत्वपूर्ण सवालों और मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।

आनंदी बेन की बेटी के मुद्दे पर कहा कि पिछले दोनों सत्रों में अनर्गल,बेबुनियाद और झूठे मुद्दों को लेकर करीब 200 करोड़ रुपए की जनता की गाढ़ी कमाई पर कांग्रेस ने पानी फेर दिया। हम प्रयास करेंगे कि इस सत्र में कांग्रेस ऐसा करने में सफल नहीं हो।