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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 02, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दारुल उलूम का फतवा विनाश काले विपरीत बुद्धिः योगी आदित्‍यनाथ

By Nawal MishraEdited By:
Updated: Sat, 02 Apr 2016 09:10 PM (IST)

गोरक्षपीठ के महंत और गोरखपुर के भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ ने दारूल उलूम द्वारा भारत माता की जय बोलने को गैर इस्लामिक घोषित करने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। योगी ने कहा कि ऐसा फतवा विनाशकाले विपरीत बुद्धि का परिचायक है।

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लखनऊ। गोरक्षपीठ के महंत और गोरखपुर के भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ ने दारूल उलूम द्वारा भारत माता की जय बोलने को गैर इस्लामिक घोषित करने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। योगी ने कहा कि ऐसा फतवा विनाशकाले विपरीत बुद्धि का परिचायक है।

आज गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए योगी ने कहा कि वेद हमारे प्राचीनतम धर्मग्रंथ हैं। इनमें साफ शब्दों में लिखा गया है, धरती हमारी मां है। हम सब इसके पुत्र हैं। मां के जय घोष के लिए किसी जाति, मजहब और पंथ में मनाही नहीं हैं। ये संस्कार का हिस्सा है। हर किसी को ऐसा स्वेच्छा से करना चाहिए। जिन लोगों ने भारत माता की जय के विरोध में फतवा जारी किया है, उनको मैं स्वामी विवेकानंद की एक बात याद दिलाना चाहता हूं, जिसमें उन्होने कहा था कि जो लोग अपने पूर्वज, परंपरा, धर्म और संस्कृति के प्रति गौरव का भाव नहीं रखते उनका अंत निकट होता है। फतवा विनाशकाले विपरीत बुद्धि का उदाहरण है। ऐसे लोगों के खिलाफ क्या टिप्पणी की जाए।