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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 17, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

महाशिवरात्रि पर मंदिर-मंदिर हर-हर-बम-बम, कड़ी सुरक्षा

By Nawal MishraEdited By:
Updated: Tue, 17 Feb 2015 01:29 PM (IST)

महाशिवरात्रि पर मंदिर-मंदिर हर-हर बम-बम से गूंज उठा। प्रमुख मंदिरों में सुबह चार बजे से ही लोगों ने कतारबद्ध होकर अपने आराध्य भगवान भोलेनाथ का दर्शन किया। उनको जल और दुग्ध से अभिषेक करके बेलपत्र, धतूरा, बेर, भांग, मिष्ठान और पुष्प अर्पित किये। हर बड़े छोटे मंदिर में पूजन-अर्चन और

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लखनऊ। महाशिवरात्रि पर मंदिर-मंदिर हर-हर बम-बम से गूंज उठा। प्रमुख मंदिरों में सुबह चार बजे से ही लोगों ने कतारबद्ध होकर अपने आराध्य भगवान भोलेनाथ का दर्शन किया। उनको जल और दुग्ध से अभिषेक करके बेलपत्र, धतूरा, बेर, भांग, मिष्ठान और पुष्प अर्पित किये। हर बड़े छोटे मंदिर में पूजन-अर्चन और दर्शन का माहौल रहा। उत्तर प्रदेश सरकार ने महाशिवरात्रि पर आतंकवादी और असामाजिक तत्वों के इरादों को देखते कड़े सुरक्षा के बंदोबस्त किए। त्योहार पर सुरक्षा के लिए दस कंपनी आरएएफ और 31 कंपनी पीएसी उपलब्ध कराई गयी है। समुचित सुरक्षा, पुलिस व्यवस्था और सौहार्द बनाये रखने पर जोर है।
नदियों के घाटों की सुरक्षा, बैरिकेडिंग और फोर्स तैनात है। प्रदेश के शिवालयों की भरपूर सुरक्षा बंदोबस्त हैं। वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर और गंगा घाट के लिए तीन कंपनी आरएएफ और आठ कंपनी पीएसी लगी है। गोरखपुर के गोरक्षनाथ मंदिर के लिए दो कंपनी पीएसी आवंटित है। संतकबीरनगर जिले के तामेश्वरनाथ मंदिर, बस्ती के भदेश्वरनाथ मंदिर, खीरी के गोला गोकर्णनाथ मंदिर, बाराबंकी के लोधेश्वर महादेव मंदिर, बुलंदशहर के महादेव मंदिर अहार, राजघाट नरौरा, बागपत के पूरा महादेव मंदिर, कानपुर के बिठूर घाट और गंगाघाट, कांशीराम नगर के कछलाघाट, बदायूं के कछलाघाट, हापुड़ के गढ़ मुक्तेश्वर और इलाहाबाद के त्रिवेणी संगम पर विशेष सुरक्षा के प्रबंध और पूजन-अर्चन के खास इंतजाम हैं।