विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 24, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लाभ के दो पदों पर बैठे आजम के खिलाफ हाईकोर्ट में चलेगी एकपक्षीय कार्यवाही

By Ashish MishraEdited By:
Updated: Thu, 24 Dec 2015 12:54 PM (IST)

लाभ के दो पदों पर काबिज होने के मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच कैबिनेट मंत्री आजम खान के खिलाफ अब एकपक्षीय (एक्स-पार्टी) कार्यवाही चलाएगी। सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कहा कि नोटिस के बावजूद प्रतिवादी ने जवाब नहीं दाखिल किया है। लिहाजा मामले में एकपक्षीय

News Article Hero Image

लखनऊ। लाभ के दो पदों पर काबिज होने के मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच कैबिनेट मंत्री आजम खान के खिलाफ अब एकपक्षीय (एक्स-पार्टी) कार्यवाही चलाएगी। सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कहा कि नोटिस के बावजूद प्रतिवादी ने जवाब नहीं दाखिल किया है। लिहाजा मामले में एकपक्षीय कार्यवाही आगे बढ़ाई जाएगी।

रजा हुसैन व अन्य की ओर से दायर याचिका पर सोमवार को सुनवाई के दौरान उपस्थित मौलाना जौहर अली विश्वविद्यालय के कुलसचिव की ओर से हलफनामा दाखिल करते हुए कहा गया कि विवि के कुलाधिपति आजम खान विवि से कोई लाभ नहीं ले रहे हैं। इस पर न्यायमूर्ति एपी शाही और न्यायमूर्ति एआर मसूदी की खंडपीठ ने याची के अधिवक्ताओं को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए। वहीं न्यायालय ने 25 सितंबर 2014 को आजम खान को भेजी गई नोटिस का जवाब न मिलने पर एकपक्षीय कार्यवाही आगे बढ़ाने को कहा। उल्लेखनीय है कि याचिका में जया बच्चन बनाम भारत सरकार मामले का उदाहरण देते हुए कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति किसी भी लाभ के पद पर है तो वह मंत्री के पद पर नियुक्त नहीं किया जा सकता। याचिका में आगे कहा गया है कि यह तथ्य भी स्पष्ट हो चुका है कि किसी पद को धारण करने वाला व्यक्ति यदि उस पद के लिए मिलने वाली सुविधाएं जैसे प्रतिपूरक भत्ते, निशुल्क आवास व कार मय चालक आदि प्राप्त करता है तो ऐसा पद लाभ का पद ही माना जाएगा। न्यायालय ने 25 सितंबर 2014 को कैबिनेट मंत्री आजम खान को नोटिस भेजने का आदेश दिया था, जिस पर जवाब देने के लिए छह हफ्ते का समय दिया गया था।