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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 01, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मुख्यमंत्री की हिदायतः बुंदेलखंड में पेयजल किल्लत हुई तो नपेंगे अफसर

By Ashish MishraEdited By:
Updated: Sat, 01 Apr 2017 09:59 PM (IST)

बुंदेलखंड में किसी भी स्थिति में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। आदमी हो या पशु-पक्षी, अधिकारी सबके लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करायें नहीं तो संबंधित अधिकारी कार्रवाई को तैयार रहे।

मुख्यमंत्री की हिदायतः बुंदेलखंड में पेयजल किल्लत हुई तो नपेंगे अफसर
मुख्यमंत्री की हिदायतः बुंदेलखंड में पेयजल किल्लत हुई तो नपेंगे अफसर

लखनऊ (जेएनएन)। बुंदेलखंड में किसी भी स्थिति में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। आदमी हो या पशु-पक्षी, अधिकारी सबके लिए जरूरत के अनुसार पीने के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के मुकम्मल उपाय करें। इस बारे में कोई शिकायत मिली तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
यह बातें मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ ने कही। वह शनिवार को बुंदेलखंड क्षेत्र की सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। निर्देश दिया कि सिंचाई योजनाओं को तय समय से पहले और पूरे मानक के साथ पूरा कराएं। आवंटित पैसे का जनहित में मुकम्मल उपयोग होना चाहिए।


विभागीय अफसरों ने मुख्यमंत्री को वहां की प्रमुख योजनाओं के बारे में बताया। यह भी बताया कि बुंदेलखंड में मौजूद सभी 29 जलाशयों में भरपूर पानी उपलब्ध है।  इसी दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्वांचल की बाढ़ की समस्या से निपटने की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बाढग़्रस्त क्षेत्रों में नदी बहुत तेजी से कटान करती है। समय से इसे रोकने की तैयारी कर लें। जरूरत के अनुसार बंधों के संवेदनशील स्थानों पर ठोकर बनाएं।

अगर कोई क्षेत्र कटान के प्रति अधिक संवेदनशील है तो वहां नदी की धारा बदलने के उपायों के बारे में भी सोच सकते हैं। बाढ़ नियंत्रण के तहत होने वाले सभी कार्यों की वीडियोग्राफी कराने का भी मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया। बैठक में सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह सहित अन्य विभागीय अफसर मौजूद थे।