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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 07, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    यूपी विधानसभा के सामने पेंशन मांग रहे शिक्षकों पर लाठी चार्ज, एक की मौत

    By Nawal MishraEdited By:
    Updated: Thu, 08 Dec 2016 11:34 PM (IST)

    सोशल ऑडिटरो ने आज उत्तर प्रदेश विधान भवन के सामने जबरदस्त प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस लाठीचार्ज से एक सोशल ऑडिटर की मौत हो गई। ...और पढ़ें

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    लखनऊ (जेएनएन)। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर विधान भवन का घेराव करने जा रहे शिक्षक व कर्मचारियों पर पुलिस ने आज लाठीचार्ज कर दिया। लाठीचार्ज में कुशीनगर के श्री गांधी स्मारक इंटर कालेज में तैनात सह अध्यापक राम आशीष सिंह वशिष्ठ की मौत हो गई, जबकि करीब एक दर्जन प्रदर्शनकारी बुरी तरह जख्मी हो गए। साथी की मौत से आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल में डेरा डाल इमरजेंसी सुविधाएं ठप करा दी। उत्तर प्रदेश सरकार ने मृत शिक्षक के आश्रित परिवार को पांच लाख रुपये आर्थिक सहायता के साथ ही आश्रित को नियमानुसार नौकरी देने की घोषणा की है। इस बीच मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने दुख प्रकट करते हुए इस घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं।

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    धरने का नेतृत्व कर रहे ऑल टीचर एम्पलाइज वेलफेयर एसोसिएशन (अटेवा) के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने कहा कि मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद ही प्रदर्शनकारी सिविल अस्पताल से हटेंगे। उन्होंने पीडि़त परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा, मृतक आश्रित को समकक्ष पद पर सरकारी नौकरी, दोषी पुलिस वालों पर कठोर कार्रवाई व पुरानी पेंशन योजना बहाली के लिखित आदेश मिलने तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया। उन्होंने कहा कि जब तक मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा मृतक का शव नहीं हटाएंगे।

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    संगठन के प्रदेश महामंत्री डॉ. नीरजपति त्रिपाठी ने बताया कि महाराजगंज के पोस्ट घुघली का निवासी राम आशीष कुशीनगर में अंग्रेजी विषय के सह अध्यापक थे। प्रदर्शनकारियों पर हुए इस लाठीचार्ज में कुशीनगर की मनोरमा सिंह, जालौन के बृजेश गौतम, मैनपुरी के ओम सिंह, हरदोई के अरबिंद सिंह व सुनील मंडल, कासगंज के नीरज प्रकाश व निधान सिंह सहित करीब एक दर्जन प्रदर्शनकारी जख्मी हो गए। मामला बढ़ता देख जिलाधिकारी सतेंद्र सिंह व एसएसपी मंजिल सैनी सहित कई आलाधिकारियों ने अस्पताल पहुंचे। उन्होंने एक कमेटी गठित कर मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया।

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