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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 24, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

फीरोजाबाद में एक घर में घुसा तेंदुआ, लोगों में दहशत

By Dharmendra PandeyEdited By:
Updated: Tue, 24 Nov 2015 12:03 PM (IST)

सुहागनगरी फीजरोबाद में आज सुबह एक घर में तेंदुआ के घुसने के बाद से लोगों में दहशत है। लोग अपने-अपने घर से बाहर निकले हैं। इन सभी को वन विभाग की टीम के आगमन का इंतजार है।

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लखनऊ। फीरोजाबाद शहर के थाना रामगढ़ के बिलाल नगर में मंगलवार का सवेरा तेंदुए की दहशत के साथ में हुआ। लोग अभी सोकर भी नहीं उठे थे, मुहल्ले में तेंदुए की दहशत फैल गई। रात में कहीं से भटकते हुए तेंदुआ फीरोजाबाद के बिलाल नगर में पहुंचा। शहर से सटे हुए नई आबादी क्षेत्र में रहने वाले वसीम पुत्र शमशाद ने सबसे पहले तेंदुए को देखा। वसीम की समझदारी के चलते तेंदुआ किसी को घायल करता, उससे पहले एक कमरे में बंद हो गया।

वसीम का मकान विलाल नगर में है। एक कमरे में वसीम रहते हैं। दूसरे कमरे मे उनकी बहन रजिया पत्नी हसन रहती हैं। रविवार रात को वसीम अपने कमरे के बाहर टिनशैड में सो रहे थे। नजदीक ही कमरे में उनकी बहन बच्चों के साथ सोई हुई थी। सुबह साढ़े चार बजे करीब वसीम को अपने आसपास आहट सुनाई दी। वसीम का कहना है तेंदुए ने उनकी चारपाई के पास में हरकत की तो उन्होने नींद में कुत्ता समझ कर उसे लात मार दी। इस पर तेंदुआ गुर्राया तो वसीम की आंख खुली। सामने तेंदुए को देख वसीम हक्के-बक्के रह गए। एक झटके के साथ में चारपाई से उठे तो तेंदुआ भी पीछे हटा तथा पीछे खुले हुए वसीम के कमरे में पहुंच गया। तेंदुए को कमरे में जाते देख वसीम ने अपने बचाव के लिए झटके से कमरे का गेट बंद कर दिया तथा जोर से चिल्लाए। शोर सुनकर उनकी बहन एवं आसपास रहने वाले भी एकत्रित हो गए। लोग सोते से उठकर भागे-भागे यहां पर आए। तेंदुए के घर में बंद हो जाने से क्षेत्रीयजनों ने राहत की सांस ली। तेंदुए को देखने के लिए आसपास के मुहल्लों से भी बड़ी संख्या में लोग यहां पर पहुंच गए। सुबह 11 बजे तक मौके पर सैकड़ों महिला पुरुषों की भीड़ एकत्रित हो गई थी। इधर तेंदुए को पकडऩे के लिए वन विभाग आगरा की रेस्क्यू टीम को भी सूचित कर दिया है। वन विभाग की टीम तेंदुए को पकडऩे के लिए आगरा से रवाना हो चुकी है।

कहां से आया तेंदुआ

इधर क्षेत्र में एक चर्चा यह भी है तेंदुआ क्षेत्र में कहां से आया। बिलाल नगर जिस क्षेत्र में पड़ता है, उसके आसपास दूर-दूर तक कोई भी जंगल नहीं है। हालांकि दूसरी तरफ आबादी को पार करने के बाद में यमुना का बीहड़ क्षेत्र है, लेकिन उसके लिए आबादी का एक बड़ा हिस्सा पार करना पड़ता है। तेंदुआ कहां से आया? इसको लेकर भी कई तरह की चर्चाएं लोगों के बीच में हैं।