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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 27, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मुलायम की छोटी पुत्रवधू अपर्णा लखनऊ कैंट विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार

By Ashish MishraEdited By:
Updated: Mon, 28 Mar 2016 09:53 AM (IST)

मुलायम सिंह यादव की बहू अपर्णा यादव लखनऊ के कैण्ट विधानसभा क्षेत्र से विधानसभा का चुनाव लड़ेंगी। आज दोपहर समाजवादी पार्टी के प्रमुख प्रवक्ता शिवपाल यादव ने विधिवत इसकी घोषणा कर दी है। अपर्णा यादव प्रतीक यादव की पत्नी हैं। जबकि इनके पिता अरविन्द सिंह विष्ट उत्तर प्रदेश के सूचना

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लखनऊ। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव की छोटी पुत्रवधू अपर्णा यादव को आज विधानसभा चुनाव के लिए लखनऊ कैंट सीट से प्रत्याशी घोषित कर दिया गया। इसके साथ ही अब यादव कुनबे में एक और सियासी कड़ी जुड़ गयी। मुलायम के छोटे पुत्र प्रतीक यादव के साथ विवाह के बाद से ही अपर्णा सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहीं हैं। सपा प्रवक्ता शिवपाल सिंह यादव ने आज कैंट क्षेत्र से अपर्णा को उम्मीदवार बनाए जाने की घोषणा की। इसके पहले शुक्रवार को उन्होंने 141 विधान सभा क्षेत्रों में सपा के उम्मीदवार घोषित किए थे। सपा ये सभी सीटें 2012 के चुनाव में हार गयी थी। अपर्णा को चुनाव मैदान में उतारे जाने के पीछे पारिवारिक और राजनीतिक कई तरह के समीकरण हैं, हालांकि हारी हुई सीट से परिवार के इस सदस्य के चुनावी सफर की शुरुआत एक जोखिम भरा फैसला माना जा रहा है।

कैंट से सपा कभी नहीं जीती

सूत्रों की माने तो अपर्णा के लिए कैण्ट विधानसभा से चुनाव जीतना आसान नहीं होगा क्योंकि यहां से कांग्रेस की रीता बहुगुणा जोशी विधायक हैं। यहां तक की पिछले चार चुनावों की बात की जाए तो यहां पर सपा का प्रदर्शन भी कुछ खास नहीं रहा है। जीतना तो दूर पार्टी इस सीट पर दूसरे नंबर भी नहीं आ सकी है। इस लिए अपर्णा को उतार कर पार्टी ने अपने को मजबूत करने की कोशिश की है। इतिहास की बात करें तो अब तक लखनऊ कैण्ट सीट से कांग्रेस सात और बीजेपी पांच बार जीती है। पिछले लगातार तीन चुनावों से कांग्रेस की वर्तमान विधायक रीता बहुगुणा जोशी जीत रहीं है। जबकि सपा यहां से कभी नहीं जीती है। 2012 विधानसभा चुनाव में सपा के उम्मीदवार सुरेश चौहान को 13 फीसद वोटों के साथ चौथे स्थान पर रहे थे। जबकि कांग्रेस की रीता बहुगुणा जोशी लगभग 31 फीसद वोट पाकर पहले और बीजेपी के सुरेश तिवारी 26 और बीएसपी के उम्मीदवार को 18 फीसद वोट मिले थे।

अपर्णा मुलायम के बेटे प्रतीक की पत्नी

वहीं बताते चलें कि अपर्णा मुलायम परिवार की छोटी बहू हैं जो चुनाव मैदान में पहली बार किस्मत आजमा रही हैं। इससे पहले उनकी बड़ी बहू और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव सक्रिय राजनीति में हैं और वर्तमान में कन्नौज से सांसद भी हैं। मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव क्लासिकल सिंगर हैं। उनकी और प्रतीक की शादी 2011 में हुई थी। अपर्णा का पूरा नाम अपर्णा बिष्ट यादव है। यह देश के जाने-माने पत्रकार अरविंद सिंह बिष्ट की बेटी हैं जो वर्तमान में उत्तर प्रदेश में सूचना आयुक्त के पद पर कार्यरत हैं। आपको बता दें कि प्रतीक मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना यादव के पुत्र हैं और इस समय वो राजनीति से दूर गोमती नगर में जिम चलाते हैं। प्रतीक खुद बॉडी बिल्डिंग का शौक रखते हैं अपने पिता की तरह वो भी पहलवानी में कभी-कभी दमखम दिखाते हैं।

राजनीति में परिवार का दबदबा

चुनावी राजनीति में मुलायम सिंह यादव का परिवार पहले से ही सक्रिय है। चार अक्टूबर 1992 को समाजवादी पार्टी का गठन करने के बाद मुलायम सिंह यादव ने अपने परिवार के लोगों को तरजीह देनी शुरू की और फिर भारतीय राजनीति में यह परिवार वट-वृक्ष बन गया। संसद से लेकर पंचायत तक मुलायम परिवार में करीब 20 सदस्य किसी न किसी महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत हैं। इस परिवार में मुलायम के अलावा प्रोफेसर राम गोपाल यादव, डिंपल यादव, धर्मेन्द्र यादव, अक्षय यादव और तेज प्रताप यादव सांसद हैं। मुलायम के पुत्र अखिलेश यादव मुख्यमंत्री हैं जबकि भाई शिवपाल सिंह यादव कई महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री हैं। शिवपाल के पुत्र आदित्य यादव पीसीएफ चेयरमैन हैं। इसी परिवार के अंशुल यादव इटावा और संध्या यादव मैनपुरी की जिला पंचायत अध्यक्ष हैं।