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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 07, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मुजफ्फरनगर दंगा : स्टिंग आपरेशन के फुटेज से छेड़छाड़ की पुष्टि

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Updated: Thu, 07 Aug 2014 08:36 PM (IST)

लखनऊ (राज्य ब्यूरो)। नगर विकास मंत्री मोहम्मद आजम खां को मुजफ्फरनगर दंगे के सिलसिले में आरा

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लखनऊ (राज्य ब्यूरो)। नगर विकास मंत्री मोहम्मद आजम खां को मुजफ्फरनगर दंगे के सिलसिले में आरोपित करने वाले स्टिंग आपरेशन की जांच करने वाली विधान समिति को सौंपे गए रॉ फुटेज के साथ छेड़छाड़ की गयी है। समिति ने अब फॉरेन्सिक जांच करने वाले अधिकारी को बुलाकर उनकी जुबानी छेड़छाड़ की दास्तां सुनने का निर्णय किया है।

यह राजफाश गुरुवार को सपा विधायक सतीश कुमार निगम की अध्यक्षता में हुई जांच समिति की बैठक में तब हुआ जब हैदराबाद की फारेन्सिक प्रयोगशाला की रिपोर्ट पेश की गयी। रॉ फुटेज की सत्यता परखने के लिए इसे फॉरेन्सिक जांच के लिए हैदराबाद भेजा गया था। सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट वैज्ञानिक शब्दावली पर आधारित थी इसलिए समिति के सदस्य इसे विस्तृत रूप से नहीं समझ सके लेकिन उन्हें इतना जरूर पता लग गया कि स्टिंग करने वाले चैनल ने जिस सामग्री को असंपादित रॉ फुटेज बताकर कमेटी को सौंपा था उसे 'डाक्टर्ड' किया गया है यानी उसके साथ छेड़छाड़ की गई है। बहरहाल फॉरेन्सिक रिपोर्ट के तकनीकी पहलुओं को सरल शब्दावली में समझने के लिए कमेटी के सदस्यों ने निर्णय किया कि जांच अधिकारी को दो सप्ताह बाद कमेटी के समक्ष बुलाकर उनसे रिपोर्ट की व्याख्या करायी जाए।

गौरतलब है कि चैनल ने लम्बे समय तक कमेटी के निर्देशों को दरकिनार करते हुए असंपादित फुटेज देने में हीलाहवाली की थी लेकिन अंतत: उन्हें कथित असंपादित फुटेज देना ही पड़ा। समिति को संदेह था कि फुटेज से छेड़छाड़ की गयी है। जांच समिति में चेयरमैन सतीश कुमार निगम के अलावा सपा के संग्राम सिंह यादव, बृजलाल सोनकर, मोहम्मद इरफान, कांग्रेस के दिलनवाज खान, बसपा के अमरपाल शर्मा तथा राष्ट्रीय लोकदल के सुदेश शर्मा शामिल हैं।