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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 08, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हर जिले में होगा निर्भया केंद्र

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Updated: Mon, 08 Sep 2014 11:14 PM (IST)

लखनऊ । उत्पीड़न की शिकार महिलाओं की मदद के लिए 'डायल-1090' पर निर्भरता अब थोड़ी कम होगी। प

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लखनऊ । उत्पीड़न की शिकार महिलाओं की मदद के लिए 'डायल-1090' पर निर्भरता अब थोड़ी कम होगी। पीड़ित महिलाओं की मदद के लिए जल्द ही हर जिले में 'निर्भया केंद्र' स्थापित होगा। इसकी शुरुआत 19 सितंबर से होगी। इसी दिन केंद्रों को चलाने के लिए नोडल महकमा भी तय किया जाएगा।

केंद्र सरकार ने दुष्कर्म, घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न की शिकार महिलाओं की मदद को जिला मुख्यालयों पर निर्भया केंद्र खोलने का फैसला किया था। अगस्त में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गाधी ने देश के सभी मुख्यमंत्रियों को इस बाबत पत्र लिखा था। इस पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुख्य सचिव आलोक रंजन को नोडल महकमा तय कर तेजी से केंद्रों की स्थापना के निर्देश दिए। अब मुख्य सचिव ने 19 सितम्बर को प्रमुख सचिव न्याय, प्रमुख सचिव बाल विकास एवं पुष्टाहार, प्रमुख सचिव गृह, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, सचिव नगर विकास के साथ बैठक बुलाई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार बैठक में मानीटरिंग कमेटी का गठन, प्रथम चरण में निर्भया सेंटरों के लिए भवन का चयन, स्थायी सेंटरों की स्थापना के लिए भूमि चयन आदि के बाबत भी फैसला लिया जाएगा। राज्य सरकार को जिला मुख्यालय के बड़े अस्पताल से पांच किलोमीटर की दूरी पर 300 स्क्वायर मीटर जमीन उपलब्ध करानी है। संसाधन केंद्र सरकार मुहैया कराएगी।

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ये सुविधाएं होगी केंद्र में

-पीड़ित महिला को त्वरित मदद के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन वॉयस लॉगर के साथ

-प्राथमिक उपचार के बाद पीड़ित को चिकित्सालय पहुंचाने की सुविधा

-एफआइआर दर्ज कराने के लिए तहरीर लिखाने में मदद

-मानसिक और समाजिक हालात से निपटने की मदद

-पंजीकृत वकीलों के पैनल से कानूनी मदद

-पुलिस तफ्तीश दौरान दौड़भाग से बचाने के लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा

-अस्थायी रैन बसेरा

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