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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 07, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दलाली को आरोप नहीं रूपक अलंकार समझें : राजबब्बर

By Ashish MishraEdited By:
Updated: Fri, 07 Oct 2016 09:44 PM (IST)

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के विवादित बयान पर प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने दार्शनिक अंदाज में सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने जो बयान दिया वह रूपक था, अनुप्रास अलंकार था।

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लखनऊ (जेएनएन)। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के विवादित बयान पर प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने दार्शनिक अंदाज में सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने जो बयान दिया वह रूपक था, अनुप्रास अलंकार था। दलाली शब्द को आरोप की तरह नहीं वरन अलंकार के तौर पर प्रयोग किया। सैनिकों की शहादत पर हर नागरिक नतमस्तक है। हम भी उनको सैल्यूट करते हैं।

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शुक्रवार को राहुल संदेश यात्रा को रवाना कराने पहुंचे राजबब्बर ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को भी राहुल की आलोचना करने पर घेरा। कहा कि जो व्यक्ति बुनियादी तौर से जिलाबदर, तड़ीपार हो, उसे समझने की जरूरत है, क्योंकि उनके दिमाग में हर वक्त खुराफात ही रहती है। उन्होंने बोफोर्स तोपों का जिक्र करते हुए भी भाजपा नेतृत्व को घेरा। राजबब्बर ने कहा कि राहुल गांधी जरूरतमंदों की राजनीति करते है। राजनीति व लोकतंत्र में रणनीति नहीं लोकनीति होती है। राहुल ने साबित किया है कि लोगों का दुख, तकलीफ साथ मिलकर बाटेंगे। राहुल बड़े मंचों पर केवल जुमलों की राजनीति नहीं करते।

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रक्षामंत्री ने गदा घुमाई पर शहीदों को भूले
राजबब्बर ने रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर को भी आड़े हाथ लिया। आरोप लगाया कि रक्षामंत्री लखनऊ आए, गदा घुमाई, अपना सम्मान कराया लेकिन प्रदेश के जिन पांच जवानों ने उड़ी हमले में शहादत दी उनका नाम तक नहीं लिया। सैनिकों की कुर्बानी पर अपनी पीठ थपथपाने की सियासत अब नहीं चलेगी।

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बालीवुड कलाकारों पर बोलने से बचे
राजबब्बर से सर्जिकल स्ट्राइक पर बंटे बालीवुड कलाकारों पर सवाल पूछा गया तो घुमा फिरा कर जवाब दिया। कहा कि हमारा प्रदेश गंगा जमुनी तहजीब वाला है। आज सिनेमा उत्तर भारत से पहचाना जाता है लेकिन कलाकार नवाजुद्दीन को मुजफ्फरनगर में रामलीला में भूमिका अदा करने से रोका जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। लखनऊ में बक्शी के तालाब में रामलीला होती है, जहां मुस्लिम भाग लेते हैं। फैजाबाद और सुलतानपुर में भी ऐसा ही होता है। ऐसा रहा तो कुछ दिन बाद रफी, नौशाद और जावेद अख्तर के भजन सुनने को भी न मिलेंगे।

राजनीतिकरण कर रही भाजपा : गुलाम
राष्ट्रीय महासचिव व प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने भी राहुल का बचाव किया। उनका कहना था कि बयान गलत ढंग से पेश किया जा रहा है। सैन्य आपरेशन की कांग्रेस हमेशा समर्थक रही है। कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा भी इसका सराहा जा चुका है लेकिन भाजपा सेना का राजनीतिकरण करने में लगी है, जो उचित नहीं।