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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 07, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पुलिस ही करेगी अपनों की 'मुखबिरी'

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Updated: Sat, 07 Jun 2014 04:57 PM (IST)

लखनऊ (परवेज अहमद)। भ्रष्ट पुलिसकर्मियों पर अब उनके ही साथी निगाह रखेंगे। पहली बार ऐसा होने जा रहा

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लखनऊ (परवेज अहमद)। भ्रष्ट पुलिसकर्मियों पर अब उनके ही साथी निगाह रखेंगे। पहली बार ऐसा होने जा रहा है कि राज्य पुलिस की खुफिया इकाई को पुलिसकर्मियों की मुखबिरी के काम में भी लगाया जा रहा है। जिनकी कारगुजारियों का चिट्ठा वे जुटाकर रिपोर्ट भेजेंगे उनमें कोतवाली, थाना व चौंकी के हाकिम शामिल हैं।

गृह विभाग ने कई अपराधों में पुलिस कर्मियों की संदिग्ध भूमिका का खुलासा होने पर यह फैसला किया है। जमीन पर कब्जा, लूट, दुष्कर्म की वारदातें छिपाने, फर्जी मुकदमा, अवैध खनन व जमीन-मकान पर कब्जा में पुलिस कर्मियों की भूमिका सवालों के घेरे में रही है।

लोकसभा चुनाव के बाद तेजी से बढ़े अपराधों पर राज्य सरकार विपक्षी दलों के निशाने पर भी है। इसी दबाव में तीन दिन पहले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अनिल गुप्ता को हटाकर दीपक सिंघल को राज्य का प्रमुख सचिव गृह नियुक्त किया। उन्होंने सबसे पहले अपने घर की ही गंदगी साफ करने की तैयारी की है। इसके लिए मुख्यमंत्री ने भी उन्हें खुली छूट दे रखी है।

सूत्रों का कहना है कि गृह विभाग ने बरसों से गाजियाबाद, मेरठ, नोएडा, आगरा, वाराणसी, इलाहाबाद, कानपुर, मुजफ्फरनगर, बागपत, झांसी जैसे संवेदनशील जिलों में तैनात पुलिस कर्मियों की कार्य प्रणाली पर खुफिया रिपोर्ट जुटाने का फैसला किया है। राज्य इंटेलीजेंस के चुनिंदा अधिकारियों को संदिग्ध गतिविधियों वाले इंस्पेक्टरों, सब इंस्पेक्टरों के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। गृह विभाग राज्य इंटेलीजेंस की रिपोर्ट को कसौटी पर कसने के लिए आइबी अधिकारियों की मदद भी लेने की तैयारी कर रहा है। आइबी केन्द्रीय एजेंसी है, इसलिए उसके किसी मुलाहिजे या दबाव में आने के आसार कम हैं। प्रमुख सचिव गृह दीपक सिंघल ने स्वीकार किया कि संवेदनशील जिलों में पुलिस की कार्यप्रणाली को बेहतर और बेदाग बनाने के लिए खुफिया रिपोर्ट जुटाने का काम शुरू कर दिया गया है। कई जिलों में तैनात पुलिस अधिकारियों के भूमाफिया, खनन माफिया और अपराधियों के साथ करीबी रिश्ते होने की शिकायतें मिली हैं। ऐसे पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने उनसे व पुलिस महानिदेशक एएल बनर्जी से बातचीत कर कानून व्यवस्था ठीक करने की रणनीति पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने दागी पुलिस कर्मियों को जिला पुलिस से हटाकर दूसरी इकाइयों में भेजने और अपराधियों से सांठगांठ रखने वाले पुलिस कर्मियों को बर्खास्त करने की हरी झंडी दे दी है।