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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 18, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रामवृक्ष ने की थी मुलायम-शिवपाल के खिलाफ मुकदमे की कोशिश

By Nawal MishraEdited By:
Updated: Sat, 18 Jun 2016 09:39 PM (IST)

मथुरा के जवाहरबाग सत्याग्रही रामवृक्ष ने सपा मुखिया मुलायम सिंह, शिवपाल, अखिलेश और पंकज बाबा के खिलाफ मुकदमा लिखाने की कोशिश की थी।

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लखनऊ (जेएनएन )। मथुरा के जवाहर बाग में 27 महीने तक कब्जेदार रहे रामवृक्ष यादव ने सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह के परिवार के खिलाफ भी मोर्चा खोला था। जयगुरुदेव आश्रम पर कब्जे की साजिश और बाबा के अपहरण का आरोप लगाते हुए सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। इसके माध्यम से मुलायम सिंह के साथ-साथ शिवपाल यादव, अखिलेश यादव और आश्रम के प्रमुख पंकज यादव व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की थी, लेकिन यह खारिज हो गई थी।

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बाबा जयगुरुदेव का शिष्य रहा रामवृक्ष खुद को उनका उत्तराधिकारी बताता था। वर्ष 2014 में बाबा के स्वर्गवासी होने के बाद उनके निकट सहयोगी रहे पंकज यादव को आश्रम का मुखिया बना दिया गया। इससे रामवृक्ष बुरी तरह बौखला गया। आश्रम की विरासत पंकज यादव को मिलने के बाद वह पहले सदर थाने में शिकायत करने गया। इसके बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया।

प्रार्थना पत्र के माध्यम से उसने आरोप लगाए कि मुलायम सिंह, शिवपाल यादव, अखिलेश यादव आदि ने बाबा जयगुरुदेव को गंभीर रूप से बीमार बताते हुए जबरन इलाज के लिए मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया। वहां किसी को उनसे नहीं मिलने दिया गया। तबीयत ठीक होने से पहले जबरन अस्पताल से ले आए। उनका अपहरण कर मृत्यु की झूठी घोषणा कर दी। दूसरे शव का अंतिम संस्कार कर दिया। इसके बाद फर्जी ट्रस्ट बनाकर आश्रम की दस हजार करोड़ की संपत्ति पर कब्जा कर लिया। रामवृक्ष का कहना था कि बाबा जीवित हैं और इन लोगों ने उन्हें बंधक बना रखा है।