विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 01, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Yogi in Action : अखिलेश के ड्रीम प्रोजेक्ट की जांच करेंगे हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज

By Dharmendra PandeyEdited By:
Updated: Sat, 01 Apr 2017 05:41 PM (IST)

लखनऊ में गोमती रिवर फ्रंट का स्थलीय निरीक्षण करने के बाद योगी आदित्यनाथ ने इसकी जांच का आदेश दिया है।

Yogi in Action : अखिलेश के ड्रीम प्रोजेक्ट की जांच करेंगे हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज
Yogi in Action : अखिलेश के ड्रीम प्रोजेक्ट की जांच करेंगे हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज

लखनऊ (जेएनएन)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद से ही फार्म में दिख रहे योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ में अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट की जांच का आदेश दिया है। लखनऊ में गोमती रिवर फ्रंट का स्थलीय निरीक्षण करने के बाद योगी आदित्यनाथ ने इसकी जांच का आदेश दिया है। जांच इलाहाबाद हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज करेंगे। उनको जांच कने के लिए सिर्फ 45 दिन का समय दिया गया है।

उत्तर प्रदेश सरकार के समाजवादी पार्टी की विदाई होते ही अब उनके बुरे दिन शुरू हो गए है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अब अखिलेश यादव सरकार के कारनामों पर पैनी निगाह रखे हैं।

यह भी पढेंः सीएम योगी की अखिलेश के 'ड्रीम प्रोजेक्ट्स' पर नजरें टेढ़ी, अब होगी जांच

सबसे पहले अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट पर शिकंजा कसा जा रहा है। इसी क्रम में आज योगी सरकार ने लखनऊ में अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट के जांच के आदेश दे दिए है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज पूर्व सरकार के कामों की जांच का आदेश देना शुरू किया है। सबसे पहले ड्रीम प्रोजेक्ट्स को टारगेट किया गया है। सबसे पहले अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट लखनऊ के गोमती रिवरफ्रंट की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

यह भी पढेंः यूपीः एंटी रोमियो के बाद अब एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स

आदेश के मुताबिक 45 दिनों के भीतर जांच कर रिपोर्ट सौंपने की बात कही गयी है। पारदर्शिता के लिए यह जांच हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में की जाएगी। गोमती रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट की लागत कुल 1437 करोड़ रुपये है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोमती रिवर फ्रंट की जांच 45 दिनों के अन्दर करने का निर्देश दिया है। इसी दिन जांच की रिपोर्ट सौंपने की बात भी कही गयी है। इसके साथ ही सीएम योगी इस बात की भी जांच कराना चाहता हैं कि, पैसों का आवंटन कैसे किया गया। कंपनियों को किस आधार रिवर फ्रंट का काम सौंपा गया। कुछ समय पहले ही मुख्यमंत्री योगी ने रिवर फ्रंट का दौरा किया था। जिसमें उन्होंने बिना गोमती नदी की सफाई के पहले रिवरफ्रंट क्यों बनाया गया की बात कही थी।

यह भी पढेंः योगी सरकार के एंटी रोमियो अभियान को हाईकोर्ट ने सही ठहराया