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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 21, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ओबामा के लिए सेटेलाइट से खोजे 8 इमरजेंसी रास्ते

By Nawal MishraEdited By:
Updated: Wed, 21 Jan 2015 01:10 PM (IST)

अमेरिकी राष्ट्रपति की प्रस्तावित यात्रा के मद्देनजर सुरक्षा का प्लान तैयार कर लिया गया है। आगरा एयरपोर्ट से ताजमहल तक प्रस्तावित रूटों में आठ-आठ आपातकालीन मार्ग बनाए गए हैं। हर रूट का अलग सिक्योरिटी प्लान होगा। आइजी सुनील कुमार गुप्ता ने बताया कि सिक्योरिटी प्लान तैयार है जोन से अतिरिक्त

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लखनऊ। अमेरिकी राष्ट्रपति की प्रस्तावित यात्रा के मद्देनजर सुरक्षा का प्लान तैयार कर लिया गया है। आगरा एयरपोर्ट से ताजमहल तक प्रस्तावित रूटों में आठ-आठ आपातकालीन मार्ग बनाए गए हैं। हर रूट का अलग सिक्योरिटी प्लान होगा। आइजी सुनील कुमार गुप्ता ने बताया कि सिक्योरिटी प्लान तैयार है जोन से अतिरिक्त फोर्स मंगाया जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार सेटेलाइट के माध्यम से खोजे गए इन रास्तों से आपात स्थिति में अमेरिकी राष्ट्रपति को निकाला जा सकेगा। ये सभी आपातकालीन मार्ग मुख्य सड़क से जुड़े हैं। इमरजेंसी रूट से जुड़े सभी मुख्य मार्ग 27 जनवरी को बंद रहेंगे। प्रस्तावित रूट और आपातकालीन रास्तों पर अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरों की नजर रहेगी। प्रस्तावित रूट को तीन जोन, नौ सेक्टर तथा 27 सब सेक्टर में बांटा गया है। प्रत्येक जोन की कमान एएसपी, सेक्टर की डिप्टी एसपी के हाथों में होगी।

चार स्तरीय होगा सुरक्षा घेरा

अमेरिकी राष्ट्रपति का सुरक्षा घेरा चार स्तरीय होगा। यह सुरक्षा घेरा एयरपोर्ट, प्रस्तावित रूट, फ्लीट, ताजमहल तथा होटल पर होगा। इनमें से हर एक का सिक्योरिटी प्लान अलग होगा। प्रत्येक की कमान आइपीएस के हाथों में होगी। पीएसी की कंपनियों को बुलाने के साथ ही दस कंपनी रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) भी मांगा गया है। पीएसी की एक फ्लड प्लाटून भी मांगी है, जो यमुना से लगातार निगरानी रखेगी। सुरक्षा घेरे में एंटी माइन टीम के साथ बम निरोधक दस्ता और स्निफर डॉग को भी शामिल किया जाएगा। यह टीमें 27 जनवरी से पहले आकर चेकिंग शुरू कर देंगी। ड्रोन कैमरे भी तैनात रहेंगे, जो ताज की मुख्य इमारत और आसपास निगरानी रखेंगे।

सुरक्षा में 'खामियों ' की सेंध

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रस्तावित यात्रा के लिए सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं। आगरा के आकाश से लेकर यमुना तक निगरानी अभी से शुरू हो गई है, लेकिन ताज के नजदीक एक बड़ी सुरक्षा खामी अब तक नजरअंदाज है। खामी भी ऐसी कि कोई भी आसानी से स्मारक के ऐन नजदीक विस्फोटक जैसा सामान भी रख सकता है। क्योंकि वर्तमान में जो व्यवस्था है, उसमें न तो सामान रखने वाले से कोई पूछताछ होती है और न ही सामान की सुरक्षा जांच की कोई व्यवस्था है। दरअसल, ताज पश्चिमी गेट से ताज जाने पर्यटकों के लिए अमरूद का टीला के नजदीक स्थित लाल बिल्डिंग में आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) द्वारा लॉकर रूम संचालित है। सामान रखने के लिए 10 रुपये शुल्क निर्धारित है। लोग सामान लेकर पहुंचते और वहां मौजूद कर्मचारी रसीद फाड़कर सामन लॉकर में रख लेते हैं। सैलानी जो बैग आदि जमा करा रहा है, उसके अंदर क्या है, यह नहीं देखा जाता। वहां सामान की सुरक्षा जांच करने के लिए मेटल डिटेक्टर आदि कोई उपकरण भी नहीं है। इसी तरह दक्षिणी गेट से सटकर बना लॉकर नि:शुल्क सुविधा मुहैया कराता है। यहां भी जांच उपकरण नहीं है। एएसआइ आगरा सर्किल अधीक्षण पुरातत्वविद एनके पाठक का कहना है कि दक्षिणी गेट के लॉकर रूम पर सामान की सुरक्षा जांच के मामले पर सीआइएसएफ से बात कर समीक्षा करेंगे। जल्द ही जरूरी इंतजाम कराए जाएंगे।

एडवांस टीम के साथ बैठक

अमेरिकी एडवांस टीम ने मंगलवार को स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक की। एडवांस टीम में मैनेजमेंट, सिक्योरिटी आदि से संबंधित अलग-अलग ग्रुप हैं। बैठक में सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर बातचीत की गई। आइजी सुनील कुमार गुप्ता का कहना है कि सिक्योरिटी प्लान को तैयार कर लिया है जोन से अतिरिक्त फोर्स मंगाया जा रहा है।