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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 24, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

शहीदी दिवस पर घोषित अवकाश 24 नवंबर के बजाय अब चार दिसंबर

By Nawal MishraEdited By:
Published: Thu, 24 Nov 2016 12:17 AM (GMT+05:30)Updated: Thu, 24 Nov 2016 12:23 AM (GMT+05:30)

उत्तर प्रदेश सरकार ने गुरु तेग बहादुर शहीद दिवस पर पूर्व में घोषित 24 नवंबर के स्थान पर अब चार दिसंबर को अवकाश घोषित किया गया है।

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लखनऊ (जेएनएन)। गुरु तेग बहादुर शहीद दिवस पर पूर्व में घोषित 24 नवंबर के स्थान पर अब चार दिसंबर को अवकाश घोषित किया गया है। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया है। धार्मिक मान्यता को लेकर डीएम लखनऊ की संस्तुति के आधार पर शासन ने अवकाश की तारीख में बदलाव किया है। यह अवकाश शासन एवं विभागाध्यक्ष कार्यालयों में जहां छह दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है, वहां लागू होगा। अर्थात ऐसे कार्यालय जहां छह दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है वहां 24 नवंबर को कार्यालय सामान्य कार्य दिवसों की भांति खुले रहेंगे और चार दिसंबर को अवकाश रहेगा। जहां पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है, वहां यह अवकाश लागू नहीं होगा।

नानक शाही कैलेंडर के अनुसार नहीं मनेगा दिवस

धर्म परिवर्तन का विरोध करने वाले सिख समाज के नौवें गुरु तेग बहादुर का 342वां शहीदी दिवस 24 नवंबर को नहीं मनाया जाएगा। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से जारी नानक शाही कैलेंडर में उनका शहादत दिवस चार दिसंबर को पड़ेगा। ऐसे में समाज के लोग चार को ही शहीदी दिवस मनाएंगे। लखनऊ गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह बग्गा ने बताया कि नानक शाही कैलेंडर के अनुसार शहीदी दिवस को पडऩे वाले अवकाश में बदलाव करने की अपील जिला प्रशासन से तीन दिन पहले की गई थी। कमेटी की ओर से बुधवार को नानक शाही कैलेंडर की प्रति सौंपी गई थी। दस्तावेजों के आधार पर अब गुरु तेग बहादुर का शहीदी दिवस चार दिसंबर दिन रविवार को मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि छठे गुरु हरगोविंद सिंह के पुत्र गुरु तेग बहादुर पुरानी दिल्ली के शीशगंज में (शीशगंज गुरुद्वारा बना है) 24 नवंबर 1675 में शहीद हुए थे। उनके पुत्र व सिख समाज के 10वें गुरु गुरुगोविंद सिंह ने नौ साल की उम्र में पिता को धर्म परिवर्तन के विरुद्ध जंग लडऩे के लिए प्रेरित किया था। सिख समाज की सबसे बड़ी संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से हर वर्ष नानक शाही कैलेंडर जारी किया जाता है। उसी के आधार पर प्रकाशोत्सव व शहीदी दिवस मनाया जाता है। अवकाश बदलने पर उप्र पंजाबी अकादमी के अध्यक्ष हरपाल सिंह जग्गी ने सरकार के निर्णय की सराहना की है।

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