यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 07, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Mathura Clash: मुख्यमंत्री कार्यालय से रामवृक्ष मारे जाने की घोषणा
आपरेशन जवाहरबाग में रामवृक्ष यादव के मारे जाने की पुष्टि मुख्यमंत्री दफ्तर ने कर दी और कहा कि उसका डीएनए सुरक्षित कर लिया गया है। ...और पढ़ें

लखनऊ (राज्य ब्यूरो)। मथुरा के आपरेशन जवाहरबाग में रामवृक्ष यादव के मारे जाने की पुष्टि अफसरों ने पहले ही कर दी थी लेकिन मीडिया से लेकर कई लोग तर्कों के सहारे संशय खड़ा करते रहे हैं। आज मुख्यमंत्री दफ्तर ने ट्वीट कर रामवृक्ष के मरने की पुष्टि की और कहा कि उसका डीएनए सैंपल सुरक्षित है।
उधर सपा सरकार के पांचवें आयोग को जवाहरबाग कांड की जांच की जिम्मेदारी सौंप दी गई। उल्लेखनीय है कि सपा सरकार बनने के बाद प्रयाग महाकुंभ के दौरान रेलवे स्टेशन में भगदड़ में कई श्रद्धालुओं की मौत की जांच के लिए सरकार ने ओंकारेश्वर भट्ट आयोग गठित किया। फिर आबकारी विभाग में होलोग्र्राम घोटाले की जांच के लिए सरकार ने न्यायमूर्ति संजय मिश्र की अध्यक्षता में आयोग गठित किया। उनके लोकायुक्त नियुक्त होने के बाद शासन ने ओंकारेश्वर भट्ट को फिर से आयोग का जिम्मा सौंप दिया। इसी तरह मुजफ्फरनगर दंगों की जांच के लिए न्यायमूर्ति विष्णु सहाय की अध्यक्षता में आयोग गठित हुआ, जिसकी रिपोर्ट पर कई स्तरों पर सवाल उठाया गया। यहां तक की आइपीएस एसोसिएशन ने रिपोर्ट की मुखालफत की। सरकार ने नोएडा के बहुचर्चित इंजीनियर यादव सिंह के घोटाले की जांच के लिये न्यायमूर्ति एएन वर्मा की अध्यक्षता में आयोग गठित किया था जो अभी कार्यरत है। अब मथुराकांड की जांच के लिए पांचवां आयोग बनाया है, जिसकी कमान न्यायमूर्ति इम्तियाज मुर्तजा को सौंपी गई है।