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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 28, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सपा में अब मुलायम व शिवपाल यादव की कद्र नहीं : अफजाल

By Dharmendra PandeyEdited By:
Updated: Wed, 29 Jun 2016 08:31 AM (IST)

कौमी एकता दल ने आज समाजवादी पार्टी पर जोरदार पलटवार किया है। अफजाल अंसारी ने कहा कि विलय के मामले में मुलायम सिंह यादव अपने बेटे अखिलेश यादव के सामने झुक गए।

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लखनऊ (जेएनएन)। समाजवादी पार्टी से विलय समाप्त होने के बाद गैंगस्टर मुख्तार अंसारी के कौमी एकता दल ने आज खुलकर वार किया है। कौमी एकता दल का आरोप है कि अब समाजवादी पार्टी में मुलायम सिंह यादव तथा शिवपाल सिंह यादव का मतलब शून्य है। अब इनकी समाजवादी पार्टी में जरा भी कद्र नहीं हैं।लखनऊ में आज कौमी एकता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा पूर्व सासंद अफजाल अंसारी ने कहा कि मुलायम सिंह यादव के कहने पर ही हमारी पार्टी कौमी एकता दल का समाजवादी पार्टी में विलय हुआ था। समाजवादी पार्टी से हमें एक बड़ा धोखा मिला है।

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कौमी एकता दल ने आज समाजवादी पार्टी पर जोरदार पलटवार किया है। अफजाल अंसारी ने कहा कि विलय के मामले में मुलायम सिंह यादव अपने बेटे अखिलेश यादव के सामने झुक गए। उन्होंने कहा कि अम्बिका चौधरी और बलराम यादव ने विलय में अहम भूमिका निभाई थी। इन दोनों ने ही 11 जून को मुलायम सिंह यादव के साथ हमारी भेंट कराई थी।

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अफजाल ने कहा कि मुलायम सिंह यादव ने कहा था कि कौमी एकता दल के विलय से पार्टी पूर्वांचल में मजबूत होगी। मुलायम सिंह ने साम्प्रदायिक ताकतों को रोकने की बात कही थी। हमने राज्यसभा के चुनाव में भी इनको समर्थन दिया था। अफजाल ने कहा कि नेता जी ने कहा हम बिछड़ गए थे फिर एक हो जाएं, उन्होंने हमसे साम्प्रदायिक शक्तियों को रोकने के लिए कहा था। इसके बाद भी सपा की संसदीय बोर्ड की बैठक में नेताजी अपने बेटे अखिलेश यादव के सामने झुक गये।

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अफजाल अंसारी ने शिवपाल सिंह यादव की तारीफ की। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव सिर्फ उनके लिए बड़े भाई ही नहीं, बल्कि भगवान हैं। शिवपाल सिंह यादव पार्टी की बेहतरी के अलावा किसी भी विषय पर सोचते ही नहीं हैं। पार्टी ने उनको इस बार चुनाव को प्रभारी भले ही बनाया है, लेकिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उनको स्वतंत्र रूप से काम नहीं करने दे रहे हैं।

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अफजाल ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में जंगलराज है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के साथ भारतीय जनता पार्टी मिलकर दंगे करवाना चाहती है। इतना ही नहीं प्रदेश की जनता के पैसों का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। यहां पर सारा पैसा अखिलेश यादव के गांव सैफई में खर्च हो रहा है। अफजाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी विधायक मुख्तार अंसारी की छवि को खराब करने के काम में लगी है।

कांग्रेस कमजोर होने से भाजपा जीती

अफजाल ने कहा कि कांग्रेस के कमजोर होने की वजह से भारतीय जनता पार्टी भले ही थोड़ा मजबूत हुई है, लेकिन बिहार के साथ बंगाल और तमिलनाडु में इनको हार का स्वाद चखना पड़ा है।

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अफजाल ने कहा कि भाजपा किसी भी राज्य में क्षेत्रीय पार्टियों से जीत नहीं पा रही है। मुलायम सिंह यादव ने बिहार में अकेले चुनाव लड़कर बीजेपी को फायदा पहुंचाने की कोशिश की।

मोदी और अखिलेश सरकार में मिलीभगत

अफजाल ने केंद्र की मोदी और प्रदेश की अखिलेश सरकार को विफल करार देते हुए दोनों पर मिलीभगत का आरोप लगाया। कहा कि ये दोनों नफरत की खाई खोदकर उत्तर प्रदेश का वातावरण खराब कर रहे हैं। त्यौहार पर इनकी दंगा भड़काने की योजना है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर हमलावर अफजाल ने यहां तक कह दिया कि विलय रद होने से यह साफ है कि न पिता को बेटे के आदर्श का पता है और न बेटे की निगाह में पिता के फैसले की कोई कद्र है। उन्होंने कहा कि वोट लेना था तो मोख्तार से कोई दिक्कत नहीं थी।

मतलब के हिसाब से बनाया मसीहा और माफिया

अपने परिवार के इतिहास का गौरव बखान करते हुए अफजाल ने मोख्तार अंसारी की छवि खराब करने की साजिश का आरोप लगाया। कहा कि इतिहास साक्षी है कि मतलब पड़ा तो सपा और बसपा दोनों ने मोख्तार को मसीहा कहा और मतलब निकल गया तो माफिया बना दिया। विलय रद करने के पीछे उन्होंने एक चैनल की योजनाबद्ध साजिश बताया। आजम खां के बारे में उनका कहना था कि वह वरिष्ठ नेता हैं लेकिन कई वर्षों से बातचीत नहीं हुई। प्रदेश सरकार को कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर विफल करार दिया और यह दावा किया कि हमारा लक्ष्य भाजपा को सत्ता में आने से रोकना है। उन्होंने कहा कि जिस तरह हनुमान जी प्रभु श्रीराम को आराध्य मानते थे उसी तरह शिवपाल भी मुलायम को भगवान स्वरूप मानते हैं। उन्होंने कहा कि समान विचारधारा वाले दलों से गठबंधन कर वह चुनाव लड़ेंगे।