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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 13, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

किसी को हटाना या रखना मुख्यमंत्री का विषेशाधिकार

By Nawal MishraEdited By:
Published: Tue, 13 Sep 2016 05:50 PM (IST)Updated: Tue, 13 Sep 2016 11:36 PM (IST)

उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने मंत्रियों को हटाए जाने के मामले में कहा कि यह ...और पढ़ें

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कानपुर देहात (जेएनएन)। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा आज मुख्य सचिव दीपक सिंघल को हटाये जाने के मुद्दे पर कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। वह जिस अधिकारी को चाहें रखें और जिस अधिकारी को चाहें हटा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गायत्री प्रजापति और राजकिशोर सिंह उनसे पूछे बगैर मंत्रिमंडल से हटाया है। इस बारे में उन्हें या नेताजी मुलायम सिंह यादव को भी कोई जानकारी नहीं थी।

पद छिनने के बाद शिवपाल ने दिया इस्तीफा!

इटावा और कानपुर देहात जिले के आंट गांव में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री की मर्जी पर निर्भर करता है कि वे किससे सलाह लें या न लें। अगर मुख्यमंत्री उनसे सलाह मांगेंगे तो वे अपनी सलाह देंगे। जो मुख्यमंत्री के नजदीक है वही हमारे नजदीक है, मुख्यमंत्री का निर्णय सभी को मान्य होता है। इटावा में उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक हैं जो गड़बड़ी करेगा उसे जाना होगा चाहे वह नेता हो या अफसर। हमारी जबावदेही जनता के प्रति है इसलिए मुख्यमंत्री जो भी निर्णय ले रहे हैं उसमें जनहित जुड़ा हुआ है।

बाद में कानपुर देहात में मैथा के आंट गांव में पत्रकारों से मुखातिब हुए शिवपाल ने कहा कि सरकार में कौन रहेगा और कौन नहीं रहेगा, यह भी मुख्यमंत्री के अधिकार में है। वे जिसे चाहे हटा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इससे ज्यादा इस पर वह कुछ नहीं कहना चाहते हैं। अवैध खनन में गायत्री प्रजापति के शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह जांच का बिंदु है।

मुख्यमंत्री जिसे चाहे मंत्री के रूप में काम लें जिसे चाहे उसे हटाएं

बदले नजर आये शिवपाल

सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव द्वारा आज शाम कैबिनेट मंत्री व छोटे भाई शिवपाल यादव को सपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाये जाने के फैसले के बाद शिवपाल बदले नजर आए। शाम को शिवपाल लोगों से बातचीत कर रहे थे परंतु फैसला आने के बाद देर रात उन्होंने किसी से बातचीत नहीं की और चल दिए। देर रात इटावा के सिंचाई डाक बंगले में जब मीडिया के लोगों ने उनसे बात करने की कोशिश की तो उन्होंने बात नहीं की। एक दम तेजी से डाक बंगले से शिवपाल निकले और कहा कि कोई बात नहीं होगी, कहकर अपनी गाड़ी में बैठकर सैफई के लिए चले गये।

मुख्यमंत्री अखिलेश ने चाचा शिवपाल यादव से सभी महत्वपूर्ण विभाग छीने

बताया गया है कि किसी के फोन आने के बाद उनके चेहरे पर नाराजगी के भाव दिखाई दिये। इससे पहले शाम करीब सात बजे मुलायम सिंह यादव ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाये जाने की सूचना फोन पर दी थी। हालांकि वे शाम को जेल में भी कुछ लोगों से मिलने गये और देर रात ङ्क्षसचाई विभाग के डाक बंगले में भी कुछ लोगों से मुलाकात की।

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