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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 21, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दयाशंकर की गिरफ्तारी के लिए बसपा का जबर्दस्त प्रदर्शन, पुतले फूंके

By Nawal MishraEdited By:
Updated: Thu, 21 Jul 2016 11:57 PM (IST)

मायावती के लिए टिप्पणी करने वाले भाजपा नेता दयाशंकर सिंह की गिरफ्तारी की मांग को लेकर लखनऊ अंबेडकर प्रतिमा पर आज बसपा ने धरना दिया।

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लखनऊ (राज्य ब्यूरो)। मायावती के लिए अशोभनीय टिप्पणी करने वाले भाजपा नेता दयाशंकर सिंह की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हजरतगंज स्थित अंबेडकर प्रतिमा पर गुरुवार को बहुजन समाज पार्टी ने धरना दिया। गुस्साए बसपाइयों ने अभद्र नारेबाजी कर पुतले फूंके और भाजपा को चुनाव में सबक सिखा देने का ऐलान किया। घंटों हंगामे के बाद ये लोग 36 घंटे में आरोपी दयाशंकर को जेल भेजने का अल्टीमेटम देकर लौटे।

तस्वीरों में देखें-मायावती पर अभद्र टिप्पणी को लेकर जनाक्रोश

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उमस भरी गर्मी के बावजूद धरना स्थल पर भारी भीड़ रही। इसके चलते यातायात व्यवस्था चरमरा गयी। शहर के बीचो-बीच प्रदर्शन होने की वजह से ऑफिस व स्कूल जाने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। महज 10-12 घंटे की सूचना पर ही गुरुवार को प्रात: आठ बजे से ही बसपाई जुटने लगे थे। सुबह से वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में नारेबाजी भी होती रहीं। बसपा मुखिया के खिलाफ अभद्र टिप्पणी से बौखलाए कार्यकर्ता आपा खोए हुए थे। उन्होंने दयाशंकर के लिए ही अपशब्द प्रयोग नहीं किए वरन उनकी बहन बेटी को भी नहीं बख्शा। अभद्र भाषा में लिखे बैनर लहराए गए और पुतले भी फूंके गए। पुलिस व प्रशासन के अधिकारी भी बसपाइयों के तेवरों पर खामोशी अख्तियार किए रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी निशाने पर रहे। भाजपा का झंडा लगी एक कार भी बसपाइयों के गुस्से का शिकार हो गई जिसे पुलिस वालों ने बमुश्किल वहां से निकाला। पुतला दहन करने की मंच से मनाही के बाद भी कई पुतले जलाए गए, छीनझपट में एक कार्यकर्ता जख्मी भी हो गया।

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भाषणों का सिलसिला करीब 11 बजे से शुरू हुआ। प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर के संचालन में सुखदेव राजभर, जयवीर सिंह, रामवीर उपाध्याय, इंद्रजीत सरोज, सुनील चितौड़, लालजी वर्मा, अतर सिंह राव, इंतिजार आब्दी बॉबी आदि नेताओं ने बसपाइयों के गुस्से को वोट में बदलने की चिंता ज्यादा दिखाई। उनका कहना था, भाजपाइयों की गालियों का जवाब बैलेट से दिया जाए। बहनजी को फिर मुख्यमंत्री बनाने के लिए मतदान तक तेवर बरकरार रखने का आह्वान मंच से बारबार किया गया।

प्रशासन के हाथपांव फूले

नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने जब दयाशंकर की गिरफ्तारी होने तक धरना जारी रखने का एलान किया तो प्रशासन के हाथपांव फूल गए और 15 मिनट के भीतर ही लखनऊ के डीएम राजशेखर, एसएसपी मंजिल सैनी के साथ मंच पर पहुंचे। उन्होंने दयाशंकर की गिरफ्तारी के लिए दबिशें देने की जानकारी देते हुए 36 घंटे का समय मांगा। इस आश्वासन पर नसीमुद्दीन ने धरना खत्म करने का निर्णय लेते हुए चेतावनी दी कि गिरफ्तारी नहीं हुई तो प्रदेशभर में आंदोलन होगा। इस दौरान भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर कड़ी सुरक्षा के साथ आसपास लगे दयाशंकर के होर्डिंग हटवा दिए गए थे। हजरतगंज व आसपास के बाजार भी बंद करा दिए गए थे।