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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 23, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कैराना मामले में पर्दा डालने की कोशिश से कठघरे में यूपी पुलिस

By Nawal MishraEdited By:
Published: Fri, 23 Sep 2016 09:26 PM (IST)Updated: Fri, 23 Sep 2016 09:33 PM (IST)

समाजवादी कुनबे में चल रहे घमासान के बीच कैराना मामले में प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यांदव ने पुलिस की गलती मानकर मामले को गंभीर बना दिया है।

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लखनऊ (जेएनएन)। समाजवादी कुनबे में चल रहे घमासान के बीच कैराना मामले में प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यांदव ने पुलिस की गलती मानकर मामले को गंभीर बना दिया है। दरअसल, मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट ने कैराना मामले पर सियासी तपिश बढ़ा दी है। इससे पुलिस अधिकारी भी कठघरे में हैं। शिवपाल द्वारा पुलिसकर्मियों की गलती मानने पर भाजपा सांसद हुकुम सिहं ने कहा है कि शिवपाल का बयान आधा-अधूरा है। उनको बताना चाहिए था कि समाधान क्या कर रहे हैं?

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होती रही पर्दा डालने की कोशिश

आयोग की लंबी रिपोर्ट में कई ऐसे मामले गिनाए गए हैं जिन पर पर्दा डालने की कोशिश होती रही है। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कैराना के आतंक को पूरी तरह उभारा है। अपहरण के बाद एक औरत से सामूहिक दुष्कर्म, शंकर और राजू नामक दो भाइयों की दिनदहाड़े हत्या, पेट्रोलपंप लूट की घटनाओं के साथ ही सैकड़ों परिवारों के पलायन की बात कही है। इस रिपोर्ट में अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण दिए जाने की भी बात है। कैराना सांसद हुकुम सिंह ने ऐसे ही आरोप लगाते हुए सूची जारी की थी तो सहारनपुर रेंज के तत्कालीन डीआइजी एके राघव ने शासन को एक रिपोर्ट भेजी। इस रिपोर्ट में राघव ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उनकी रिपोर्ट में मुसलमानों के पलायन की भी बात थी और विशेष रूप से यह बात उभारी गई कि बड़ी संख्या में व्यापारी और किसान अपनी उन्नति के लिए कैराना छोड़ गए हैं। उन्होंने बड़ी सांप्रदायिक घटना का भी अंदेशा जताया। डीआइजी ने जिले की पुलिस और प्रशासन की रिपोर्ट को ही आगे बढ़ाया था। जाहिर है कि एसपी, एएसपी, सीओ और थानेदार की रिपोर्ट में महत्वपूर्ण भूमिका रही। अब सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या इन अफसरों पर कार्रवाई होगी। एके राघव अब सेवानिवृत्त हो गए हैं।

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पुलिस मुख्यालय को अभी नहीं मिली रिपोर्ट

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कैराना मामले में अपनी जांच टीम की रिपोर्ट जारी करते हुए आठ हफ्ते में आख्या मांगी है। पुलिस प्रवक्ता और आइजी एसटीएफ रामकुमार ने शुक्रवार को बताया कि अभी आयोग का अधिकृत पत्र मिला नहीं है। आदेश की कॉपी मिलने के बाद कार्यवाही की जाएगी। सूत्रों का कहना है कि चूंकि आयोग इस मामले में गंभीर है इसलिए जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई की जा सकती है।

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अपराधी कैराना में हावी

कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव ने बयान दिया था कि कैराना में हिंदुओं के पलायन मामले की प्राथमिक जांच में पुलिस को दोषी पाया गया है। सांसद ने इसे आधा-अधूरा बयान बताते हुए कहा कि शिवपाल को इसका समाधान भी बताना चाहिए। केवल इस बयान से तो कुछ नहीं होगा। सरकार क्या कर रही है बताएं? सांसद ने कहा कि गुंडे, माफिया, अपराधी कैराना समेत पूरे जनपद में हावी हैं। अपराधियों को रोकने, कार्रवाई व प्रतिबंध के लिए सरकार की क्या कार्य योजना है इसे भी मंत्री को बताना चाहिए।

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