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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 27, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बिन मांगे इस्तीफा न देने पर अड़े योगेंद्र यादव व प्रशांत भूषण

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Fri, 27 Mar 2015 10:24 AM (GMT+05:30)Updated: Fri, 27 Mar 2015 10:29 AM (GMT+05:30)

दिल्ली की सत्ता संभालने के बाद से आम आदमी पार्टी (आप) में घमासान तेज ही होता जा रहा है। पार्टी ...और पढ़ें

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लखनऊ। दिल्ली की सत्ता संभालने के बाद से आम आदमी पार्टी (आप) में घमासान तेज ही होता जा रहा है। पार्टी के थिंक टैंक माने जाने वाले योगेंद्र यादव के साथ ही प्रशांत भूषण बिना मांगे इस्तीफा न देने पर अड़े हैं तो कुछ ऐसा ही रुख प्रशांत भूषण ने भी अपना रखा है। यह दोनों नेता पार्टी पर उनको बदनाम करने का आरोप लगा रहे हैं। दोनों नेताओं ने साफ कर दिया कि पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल से ई मेल के जरिए की गई मांगों को माने बगैर वह इस्तीफा नहीं देंगे।

प्रशांत भूषण ने नोएडा में कल देर रात कहा कि इस्तीफे की बात गलत है। मेरे साथ ही योगेंद्र यादव ने इस्तीफा नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी में जो गलत हो रहा था, उसपर सवाल उठाया। पार्टी वेबसाइट पर चंदा मिलने की जानकारी दे रही थी, लेकिन खर्च के बारे में नहीं बताया जा रहा है। दिल्ली के कानून मंत्री जितेंद्र तोमर की डिग्री पर सवाल खड़े हो रहे थे। पार्टी के प्रत्याशी के यहां से शराब बरामद हुई। इन सब मसलों को पार्टी में उठाया। जिसके बाद हमारा विरोध होने लगा। सही बात करने पर पार्टी के नेता हमारे खिलाफ हो गए। राष्ट्रीय काउंसिल की बैठक में उन लोगों को बुला लिया गया, जो सदस्य ही नहीं थे। जो सदस्य थे उन्हें बुलाया ही नहीं गया। फिर बहुमत का हवाला देकर हमें राजनीतिक मामलों की समिति से बाहर कर दिया गया। हमारे बारे में दुष्प्रचार किया गया। उन्होंने कहा कि हमने कोई इस्तीफा नहीं दिया है। हमने सिर्फ सही बातें उठाई हैं।

योगेंद्र यादव ने भी कहा कि 17 मार्च को साढ़े बारह बजे ई मेल के जरिए पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल को पांच मांगे भेजी थीं। जिसमें राजनीतिक मामलों की समिति व राष्ट्रीय काउंसिल के काम को अलग करने, राज्य समिति में राजनीतिक मामलों की समिति के हस्तक्षेप को खत्म करने, पार्टी में स्वराज लागू करने, वालंटियर को महत्व देने, पार्टी में लोकतांत्रिक व्यवस्था को लागू करने की मांग की थी, लेकिन अब तक हमारी मांगे नहीं मानी गई हैं। अगर मांगे मान ली गई तो प्रशांत भूषण को भी मनाकर शनिवार सुबह तक इस्तीफा दे देंगे। इसके पहले इस्तीफे का सवाल ही पैदा नहीं होता।

गौरतलब है कि कल आम आदमी पार्टी की ओर से जानकारी दी गई कि योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण ने इस्तीफा दे दिया है, जिसे स्वीकार कर लिया गया। इसके बाद रात में योगेंद्र यादव और आनंद कुमार सेक्टर 14 में प्रशांत भूषण के घर पहुंचे। जहां तीनों नेताओं ने बैठक की।

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