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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 02, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कानून में संशोधन वक्त की जरूरत: मेनका गांधी

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Updated: Sat, 02 Aug 2014 03:00 PM (IST)

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जागरण संवाददाता, पीलीभीत : जुवेनाइल जस्टिस एक्ट में संशोधन कराने के लिए बुधवार को सदन में चर्चा होगी। लगातार बाल अपराधों में हो रही वृद्धि पर हमने मंथन किया है। केंद्रीय महिला एंव बाल विकास मंत्री व पीलीभीत सांसद मेनका गांधी ने बताया कि अब वक्त आ गया है कि अवयस्कों द्वारा किए जा रहे गंभीर अपराधों पर सख्ती की जाए। पीलीभीत विकलांगों को उपकरण वितरण कार्यक्रम के बाद दैनिक जागरण से वार्ता करते हुए सांसद मेनका गांधी ने कहा कि 16 साल के बच्चे अवयस्क होते हैं लेकिन यह अवयस्क गंभीर अपराध भी कर रहे हैं। यह गंभीर अपराध, मसलन योजना बना कर हत्या या दुष्कर्म करने जैसे संगीन अपराधों की श्रेणी में आ रहे हैं। यह काफी संजीदा विषय है। इस पर अब ध्यान देने की जरूरत है। सांसद ने बताया कि मैने खुद जुवेनाइल जस्टिस एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव बना कर कैबिनेट को दे दिया है। सदन में इस पर बुधवार यानि छह अगस्त को चर्चा होगी और कुछ न कुछ अहम नतीजे मिलेंगे। उन्होंने कहा कि इस कानून में संशोधन अब वक्त की जरूरत है। जुवेनाइल एक्ट में संशोधन के बाद हम देखेंगे कि एक दो सजा के बाद अपराध के ग्राफ में निश्चित तौर पर कमी आएगी और मंत्रालय द्वारा भेजे गए इस प्रस्ताव को सभी सराहेंगे।