Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 14, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    तीन तलाक:लॉ कमीशन के सवाल नामे का बायकॉट करें मुसलमान: उलेमा

    By Ashish MishraEdited By:
    Updated: Fri, 14 Oct 2016 10:34 AM (IST)

    समान नागरिक संहिता के खिलाफ ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ ने दारुल उलूम और देवबंदी उलेमा ने लॉ कमीशन के सवालनामे पर सवाल खड़े करते हुए मुसलमानों से इसके ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    सहारनपुर(जेएनएन)। समान नागरिक संहिता के खिलाफ ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के खुलकर सामने आने की दारुल उलूम और देवबंदी उलेमा ने उसकी प्रशंसा की है। साथ ही लॉ कमीशन के सवालनामे पर सवाल खड़े करते हुए मुसलमानों से इसके बायकॉट का आह्वान किया है।

    मोबाइल चुराने पर पत्नी ने लगाई डांट तो पति ने कहा, तलाक-तलाक-तलाक

    दिल्ली में हुई मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के पदाधिकारियों और नामचीन उलेमा की संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में यह कड़ा रुख दिखाया गया। इस बारे में प्रसिद्ध इस्लामी इदारा दारुल उलूम के मोहतमिम मुफ्ती अबुल कासिम नौमानी ने कहा कि हिंदुस्तान एक लोकतांत्रिक देश है। यहां संविधान में सभी धर्म के लोगों को मजहबी आजादी की गारंटी दी गई है। केंद्र सरकार सिविल यूनिफार्म कोड के बहाने मुस्लिमों समेत सभी अल्पसंख्यकों को उनकी धार्मिक क्रियाओं के साथ भी छेडछाड़ की कोशिश कर रही है।

    'एक देश एक कानून' को नहीं मानेगा मुस्लिम बोर्ड

    दारुल उलूम वक्फ के सदर मोहतमिम एवं मुस्लिम पर्सनल-लॉ-बोर्ड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मौलाना सालिम कासमी ने कहा कि सरकार संविधान में दी गई धार्मिक आजादी को यूनिफार्म सिविल कोड के नाम पर छीनना चाहती है। दारुल उलूम वक्फ के शेखुल हदीस मौलाना अहमद खिजर शाह मसूदी, मौलाना नदीमुल वाजदी, मुफ्ती आरिफ उस्मानी ने भी केंद्र सरकार के हलफनामे की निंदा की और बोर्ड के इस कड़े रुख की हिमायत करते हुए मुसलमानों से लॉ कमीशन के सवालनामे का बायकॉट करने का आह्वान किया।

    पक्ष-विपक्षः ट्रिपल तलाक पर मुस्लिम संगठनों ने उठाए सवाल

    खबरें और भी