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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 28, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बाढ़ के दौरान लापरवाही बरतने वाले भेजे जाएंगे जेल : शिवपाल

By Dharmendra PandeyEdited By:
Updated: Thu, 28 Jul 2016 02:31 PM (IST)

सिद्धार्थनगर में शिवपाल सिंह यादव ने बाढ़ क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय के साथ जिले के अफसरों के साथ समीक्षा बैठक की ।

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सिद्धार्थनगर (जेएनएन)। पूर्वी उत्तर प्रदेश के शहरों में बाढ़ का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद प्रदेश के सिंचाई, सहकारिता, राजस्व व लोक निर्माण विभाग मंत्री शिवपाल सिंह यादव के तेवर काफी तल्ख थे। बाढग़्रस्त क्षेत्रों का सर्वेक्षण करने के बाद सिद्धार्थनगर में शिवपाल ने साफ कहा कि बाढ़ राहत में लापरवाही बरतने वालों को जेल भेजा जाएगा।

सिद्धार्थनगर में शिवपाल सिंह यादव ने बाढ़ क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद पुलिस लाइन में विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय के साथ जिले के अफसरों के साथ समीक्षा बैठक की।

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उन्होंने बाढ़ पीडि़तों को को हर संभव मदद देने के साथ बंधों पर पैनी नजर रखने की हिदायत दी। साथ ही कहा कि अफसर प्रभावित इलाकों में जाकर लोगों की मदद करें।

शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि प्रदेेश सरकार बाढ़ को लेकर गंभीर है। बाढ़ पीडि़तों की मदद में कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि बाढ़ के दौरान कहीं पर भी जरा सी लापरवाही पाए जाने पर अफसरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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उनको जेल तक भेजा जाएगा। बाढ के स्थाई समाधान के बारे में शिवपाल ने कहा कि जब तक नदियां गहरी नहीं की जाएंगी तब तक बाढ़ पर पर काबू पाना संभव नहीं है। सरकार इस बारे में गंभीरता से विचार कर रही है। शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि प्रदेश में गोमती सहित कई नदियां खोदवाकर गहरी की गई हैं।

सीएमओ ने मांगा स्टाफ, संसाधन

शिवपाल सिंह यादव के साथ बैठक के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जिले के बाढ क्षेत्रों में चिकित्सा शिविर एवं अस्पतालों के नियमित संचालन के लिए स्टाफ एवं संसाधन बढाने की मांग की। उन्होंने कहा कि जिले में163 डॉक्टरोंं की जरूरत है, जबकि सिर्फ 50 डाक्टर ही मौजूद हैं। उनमें एक भी फिजिशियन नहीं है। चिकित्सा व्यवस्था जैसे-तैसे चलाई जा रही है।

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कई ब्लाक ऐसे हैं जहां स्थापित अस्पतालों में सिर्फ एक डॉक्टर है। सीएमओ की बात सुनने के बाद शिवपाल ने कहा उपलब्ध संसाधनों में बेहतर व्यवस्था करें। जो अफसर लापरवाही करे उसे सस्पेंड कर उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराए। अगर बहुत जरूरी हो तो फिर चार-छह महीने के लिए जेल भेज दो। उन्होंने कहा कि बाढ़ बचाव के लिए अधिकारियों को पहले से निर्देश दिए गए थे। सितम्बर में बाढ़ समाप्त हो जाएगी। नवम्बर में सभी कार्यदायी संस्थाएं बाढ बचाव के बारे में अपना प्रस्ताव भेजे। हम पैसा देंगे। फरवरी में कार्य शुरू कराएं।

केंद्र पर ठीकरा- बाढ़ के लिए धन नहीं देता केंद्र

शिवपाल सिंह यादव ने आज आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में बाढ से बचाव के लिए केंद्र सरकार मदद नहीं दे रही है। हमने कई बार पत्र लिखकर धन की मांग की, लेकिन हमें धन नहीं मिला। बाढ एक राष्ट्रीय आपदा है। इससे निपटने में केंद्र सरकार की भी जिम्मेदारी बनती है।