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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 22, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पहली बार डीएम पैदल चलकर पहुंचे द्वारहाट के खलना गांव

By Sunil NegiEdited By:
Updated: Sat, 22 Jul 2017 08:29 PM (IST)

अल्मोड़ा जिले के द्वारहाट के खलना गांव पहली बार कोई डीएम पहुंचा। इस दौरान डीएम ने लोगों से मुलाकात की। साथ ही उनकी परेशानियां सुनकर संबंधित विभाग को समाधन करने के निरर्देश दिए।

पहली बार डीएम पैदल चलकर पहुंचे द्वारहाट के खलना गांव
पहली बार डीएम पैदल चलकर पहुंचे द्वारहाट के खलना गांव

द्वाराहाट(अल्मोड़ा),[जेएनएन]: अल्मोड़ा में जिलाधिकारी पहली बार द्वारहाट के खलना गांव पहंचे। जहां ग्रामीणों ने उनके सामने तहसीलदार, उपनिबंधक की स्थाई नियुक्ति और सुवाली-खलना पेयजल योजना के पुनर्गठन का मुद्दा जोर शोर से उठाया। इस दौरान आपातकालीन 108 की नियमित सेवा न होने की शिकायत पर नाराज डीएम ने विभागीय अधिकारियों के वेतन रोकने के निर्देश दिए। 

 

द्वारहाट विकासखंड के खलना गांव पहुंचे जिलाधिकारी सविन बंसल ने  लोगों की समस्यायें सुनी। बैठक में बिजली, पानी, सड़क आदि मूलभूत समस्याएं जोरों-शोरों से उठार्इ गर्इं। ग्रामीणों ने रिस्पना पुल से खलना गांव तक वर्ष 2015 में पांच किलोमीटर सड़क स्वीकृत होने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू न हो पाने, खलना-सुवाली पेयजल योजना का पुनर्गठन का मुद्दा उठाया। 

ग्राम प्रधान संगठन ने जिलाधिकारी के सामने तहसीलदार की स्थाई नियुक्ति न हो पाने का मुद्दा उठाया। इस दौरान उन्होंने कहा कि स्थार्इ तहसीलदार की नियुक्ति न होने से परेशानियों का सामना करना पड़ता है। 

 

वहीं जिलाधिकारी ने समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए अगस्त में खलना मोटर मार्ग निर्माण के टेंडर लगवाने, पेयजल योजना का पुनर्गठन और तहसीलदार रानीखेत को सप्ताह में दो दिन द्वाराहाट तहसील में बैठकर जन समस्याओं के निस्तारण के निर्देश दिए। साथ ही ग्रामीणों की आपातकालीन 108 सेवा नियमित रूप से संचालित न होने की शिकायत पर विभागीय अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए। इस दौरान विधायक महेश नेगी ने राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।

 

इस मौक पर ब्लॉक प्रमुख ममता भट्ट, उपजिलाधिकारी फींचाराम चौहान, जिला विकास अधिकारी मो. असलम, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. योगेश पुरोहित, खण्ड विकास अधिकारी नीलकण्ठ भट्ट, अधिशासी अभियन्ता जल संस्थान केएस  खाती, जिला पूर्ति अधिकारी तेजबल सिंह, आपदा प्रबन्धन अधिकारी राकेश जोशी, समाज कल्याण अधिकारी राजीव नयन तिवारी आदि मौजूद रहे।

 

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