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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 13, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    वनाग्नि की चुनौती निपटने के लिए कवायद तेज

    By Gaurav KalaEdited By:
    Updated: Sat, 14 Jan 2017 06:00 AM (GMT+05:30)

    वनाग्नि की चुनौती से निपटने के लिए कवायद तेज हो गई है। अग्नि सुरक्षा प्रबंधन वर्ष 2017 के संबंध में पुलिस, प्रशासन व वन विभाग की संयुक्त बैठक में मंथन ...और पढ़ें

    वनाग्नि की चुनौती निपटने के लिए कवायद तेज
    वनाग्नि की चुनौती निपटने के लिए कवायद तेज

    रानीखेत, [जेएनएन]: उत्तराखंड चुनावी समर में फायर सीजन के दौरान वनाग्नि की चुनौती से निपटने के लिए कवायद तेज हो गई है। अग्नि सुरक्षा प्रबंधन वर्ष 2017 के संबंध में पुलिस, प्रशासन व वन विभाग की संयुक्त बैठक में मंथन किया गया।

    अल्मोड़ा जनपद के रानीखेत में वन विश्राम गृह में जिलाधिकारी अल्मोड़ा सविन बंसल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक हुई। इसमें वनों को आग से बचाने के लिए गहन मंथन किया गया। डीएफओ एसआर प्रजापति ने बताया कि जंगलों को आग से बचाने के लिए ठोस योजना तैयार की गई है जिसमें जनपद में 167 स्टेशन ,प्रत्येक रेंज में दो-दो मोबाइल टीम, 2200 पंचायतों में 100 हेक्टेयर में दो वाचर तथा 100 हेक्टेअर से कम क्षेत्र में एक वाचर की तैनाती तथा वॉच टावर लगाने की भी तैयारी तेज कर दी गई है।

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    सरपंच भोपाल भंडारी, दीपक कांडपाल, नयन पंत, कमला कैड़ा आदि ने वनाग्नि के दौरान ग्राम प्रहरियों से सहयोग लेने, लीसा ठेकेदारों से मदद व बेहतर काम करने वाली ग्राम पंचायतों को पुरस्कृत करने की मांग उठाई।

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    जिलाधिकारी सविन बंसल ने विभागीय अधिकारियों को आग से निपटने को ठोस योजना तैयार करने के निर्देश दिए। इस दौरान एसएसपी डीएस कुवर, उप जिलाधिकारी रजा अब्बास, डीएफओ सिविल आरसी शर्मा, वीके सिंह, पृथ्वीराज सिंह बिष्ट, कमल राम आर्य, संजय गेबयल, डीआर आर्या, नीतेश डागर आदि मौजूद रहे।

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