विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 17, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारतीय सेना उत्तराखंड में कर रही युद्धाभ्यास, जवानों को हेलीकॉप्टर से नीचे उतरने का दिया गया प्रशिक्षण

By sunil negiEdited By:
Published: Mon, 17 Oct 2016 11:18 PM (IST)Updated: Wed, 19 Oct 2016 02:00 AM (IST)

उत्तराखंड में भी 2620 फीट की ऊंचाई पर स्थित गौचर हवाई पट्टी में सोमवार देर शाम से सेना युद्धाभ्यास में ...और पढ़ें

News Article Hero Image

गोपेश्वर, [देवेंद्र रावत]: उड़ी में आतंकी हमले के जवाब में सेना की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सीमा पर तनातनी को देखते हुए भारतीय फौज पूरी तरह अलर्ट है। किसी भी परिस्थिति से निबटने के लिए सेना तैयार है।

इस कड़ी में उत्तराखंड में भी 2620 फीट की ऊंचाई पर स्थित गौचर (चमोली) हवाई पट्टी में सोमवार देर शाम से सेना युद्धाभ्यास में जुटी रही। इसके तहत रात्रि में जवानों को हेलीकॉप्टर से नीचे उतरने का प्रशिक्षण दिया गया। यह पहला मौका है, जब रात्रि में इस हवाई पट्टी में अभ्यास किया गया। हालांकि, सैन्य सूत्रों ने इसे रूटीन प्रशिक्षण बताया है।

पढ़ें:-आतंकी ठिकानों पर हेलीकॉप्टर ने उतारे कमांडो


गौचर हवाई पट्टी में सोमवार शाम से सेना की हलचल रही और करीब साढ़े सात बजे से सेना के दो हेलीकॉप्टरों ने एक के बाद एक उड़ानें भरने शुरू कर दीं। वहां कुमाऊं रेजीमेंट के जवानों को रात्रि में हेलीकॉप्टरों से रस्सियों के सहारे जमीन पर उतरने और लक्ष्य पर पहुंचने का अभ्यास कराया जा रहा था। देर रात हेलीकॉप्टरों के उतरने और उड़ान भरने का सिलसिला जारी था। किसी को भी हवाई पट्टी के आसपास जाने की इजाजत नहीं थी।

पढ़ें:-भारत-अमरीकी सैन्य अभ्यास: जमीनी जंग के बहाने सैनिकों की शारीरिक परीक्षा


यह हलचल स्थानीय लोगों के लिए कुतूहल का विषय भी बनी रही और तमाम लोग घरों की छतों पर चढ़कर इस सैन्य अभ्यास को देखते रहे। हालांकि, गौचर हवाई पट्टी को सेना उपयोग करती आई है, लेकिन रात में सैनिकों का ऐसा प्रशिक्षण पहली बार हुआ है। माना जा रहा है कि सीमा पर उपजे तनाव के मद्देनजर यह युद्धाभ्यास किया गया।

PICS: भारतीय-अमेरिकी जांबाजों ने युद्ध क्षमता का दिया परिचय

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।