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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 10, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    देश के अंतिम गांव माणा में शुरू हुआ गुराऊ मेला

    By Sunil NegiEdited By:
    Updated: Fri, 10 Nov 2017 10:47 PM (GMT+05:30)

    चमोली जिले के माणा गांव में पीढ़ि‍यों से आयोजित होता आ रहा पांच दिवसीय गुराऊ मेला शुक्रवार को शुरू हुआ। मेले में यात्रियों ने शिरकत कर सीमांत अंचल की ...और पढ़ें

    देश के अंतिम गांव माणा में शुरू हुआ गुराऊ मेला
    देश के अंतिम गांव माणा में शुरू हुआ गुराऊ मेला

    चमोली, [जेएनएन]: देश के अंतिम गांव माणा में बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने से पहले पीढ़ि‍यों से आयोजित होता आ रहा पांच दिवसीय गुराऊ मेला शुक्रवार को शुरू हुआ। मेले में यात्रियों ने भी बड़ी तादाद में शिरकत कर सीमांत अंचल की लोक परंपरा का आनंद लिया। 

    मेले के पहले दिन भोटिया जनजाति के ग्रामीणों ने धार्मिक नृत्यों के माध्यम से घंटाकर्ण देवता की पूजा की। मेला संपन्न होने के बाद ग्रामीण अपने शीतकालीन प्रवासों के लिए रवाना हो जाएंगे। लोक मान्यताओं के अनुसार शीतकाल प्रवास के लिए निचले स्थानों में जाने से पूर्व भोटिया जनजाति के ग्रामीण घंटाकर्ण देवता से गांव की सुरक्षा एवं खुशहाली की कामना करते हैं। 

    पांच दिन तक चलते वाले इस मेले में क्रमानुसार गांव के चारों बारीदारों के यहां पूजा-अर्चना की जाती है। इस दौरान पारंपरिक लोक नृत्यों की छटा भी बिखरती है। इस अवसर पर श्री बदरी-केदार मंदिर समिति के सीईओ बीडी सिंह, ग्राम प्रधान माणा भगत बलवाल, पूर्व प्रधान पीतांबर मोल्फा, राम सिंह कंडारी समेत बड़ी संख्या में यात्री उपस्थित थे।

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