यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 05, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
झांसी से चौथी बार पैदल पहुंचे बदरीनाथ ये शक्स, बोले मांगी मनौती हुई पूरी
झांसी का एक बुजुर्ग चौथी बार पैदल ही दर्शनों को बदरीनाथ धाम पहुंच गया। यात्री का कहना है कि जब उसकी भगवान बदरी से मांगी मन्नत पूरी होती है, वह पैदल ही ...और पढ़ें

जोशीमठ (चमोली), [जेएनएन]: इसे भगवान बदरी नारायण के प्रति आस्था ही कहेंगे कि झांसी (उत्तर प्रदेश) का एक बुजुर्ग चौथी बार पैदल ही दर्शनों को बदरीनाथ धाम पहुंच गया। यात्री का कहना है कि जब भी उसकी भगवान बदरी विशाल से मांगी मन्नत पूरी होती है, वह पैदल ही बदरीनाथ धाम पहुंच जाता है।
झांसी जिले के डगरवाहा गांव निवासी 72 वर्षीय अच्छे लाल की भगवान बदरी नारायण पर अटूट आस्था है। वर्ष 2002 में वह लगभग 850 किमी की पैदल यात्रा कर पहली बार बदरीनाथ धाम आए थे और लौटे भी पैदल ही। तब लाल जल संस्थान में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे।
कहते हैं, 'पहली बार मैंने अपने दिव्यांग पुत्र के उज्जवल भविष्य की मनौती मांगी थी। यात्रा सफल रही और पुत्र को सरकारी नौकरी मिल गई। इसके बाद मैंने 2007 व 2009 में बदरीनाथ की पैदल यात्रा की।' अच्छे लाल ने बताया कि इस बार 45 दिन तक की पैदल चलकर वह बदरीनाथ धाम पहुंचे हैं। उनकी पत्नी शिक्षक हैं, जबकि वह सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
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