यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 18, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
डेढ़ साल पहले शिक्षा मंत्री ने किया था लाइब्रेरी का लोकार्पण, वैकेंसी आज भी खाली
डेढ़ साल पहले शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने चंपावत में जिला पुस्तकालय का लोकार्पण किया था। लेकिन पूरा पुस्तकालय एकमात्र कर्मी के भरोसे ही है।

चम्पावत, [जेएनएन]: उत्तराखंड के चंपावत जनपद पर स्थित जिला पुस्तकालय एकमात्र कर्मी के भरोसे ही चल रहा है। सफाई की कोई व्यवस्था नही होने से कुर्सी-मेज पर धूल जमी रहती है। डेढ़ साल पहले शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने इस जिला पुस्तकालय का लोकार्पण किया था। लेकिन, हालत ये हैं कि अध्ययन करने के लिए आने वाले पुस्तक प्रेमियो को खुद ही धूल झाड़कर बैठना पड़ता है।
16 मई 2015 को शिक्षामंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने जिला पुस्तकालय का लोकार्पण किया था। जिला पुस्तकालय के उद्घाटन के बाद भी शिक्षा विभाग ने वहां कर्मियों की तैनाती नहीं की थी। इससे पुस्तक प्रेमियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
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कर्मियों की तैनाती नही होने के कारण पुस्तकालय मे ताला लटका रहता था। लोगो द्वारा आवाज उठाने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया और लोहाघाट ब्लाक के अंतर्गत आने वाले जीआइसी मध्यगंगोल मे तैनात कनिष्ठ सहायक विकास वर्मा को जिला पुस्तकालय से संबद्ध कर दिया।
इसके बाद जिला पुस्तकालय नियमित खुलने लगा। तबसे जिला पुस्तकालय एकमात्र कर्मी के ही भरोसे है। यहां सफाई व्यवस्था का कोई प्रबंध नही है। दो मंजिल जिला पुस्तकालय के कुर्सी-मेजो पर धूल की मोटी परत जमी रहती है। वहां अध्ययन के लिए आने वाले पुस्तक प्रेमियो को स्वयं ही कुर्सी-मेज झाड़कर बैठना मजबूरी है।
चम्पावत के मुख्य शिक्षा अधिकारी डीएस राजपूत ने बताया कि वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर जिला पुस्तकालय में एक कर्मी को संबंद्ध कर व्यवस्था की गई है। रिक्त पदों में तैनाती के संबध मे शासन को पत्राचार किया गया है। मामला शासन स्तर का है।

