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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 15, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सपा में वापसी को बिचौलियों की जरूरत नहीं: अमर

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Updated: Wed, 15 Oct 2014 01:15 AM (IST)

राज्य ब्यूरो, देहरादून: समाजवादी पार्टी में अपने विरोधियों की मौजूदगी के बाद भी पूर्व सांसद अमर सिंह

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राज्य ब्यूरो, देहरादून: समाजवादी पार्टी में अपने विरोधियों की मौजूदगी के बाद भी पूर्व सांसद अमर सिंह ने अभी सपा में अपनी वापसी की उम्मीद छोड़ी नहीं है। अमर सिंह का कहना है कि सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह से उनके बहुत अच्छे और पारिवारिक रिश्ते हैं। उन्हें जब कभी भी समाजवादी पार्टी में वापसी करनी होगी, तो उनके व मुलायम सिंह के बीच दूरियां पैदा करने वाले बिचौलियों की जरूरत नहीं पड़ेगी। उत्तराखंड में अपनी तीन छोटी जलविद्युत परियोजनाओं में हो रही देरी को लेकर भी अमर सिंह खासे निराश दिखे।

एनर्जी कारपोरेशन ऑफ इंडिया लि. के चेयरमैन व पूर्व सांसद अमर सिंह राज्य में माइक्रो व मिनी हाइड्रो प्रोजेक्ट के विकास की प्रस्तावित नीति के संबंध में मंगलवार आयोजित बैठक में शामिल हुए। बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब हुए अमर सिंह ने उत्तराखंड में जलविद्युत उत्पादन की अपार संभावनाओं के समुचित दोहन किए जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भूटान जैसे छोटे से देश की पूरी आर्थिकी जलविद्युत उत्पादन पर टिकी है। उत्तराखंड में इसकी अपार क्षमता है, मगर लालफीताशाही व लंबी औपचारिकताएं इस राह में अड़चनें पैदा कर रही हैं।

अमर सिंह ने बताया कि वर्ष 2011 में उनकी कंपनी को बिडिंग प्रक्रिया के जरिए 17 मेगावाट की तीन छोटी परियोजनाएं आवंटित हुई थीं, मगर इन्हीं अड़चनों की वजह से 25 करोड़ निवेश करने के बाद भी वे अब तक भटक रहे हैं। राज्य सरकार ने अब नई प्रस्तावित नीति में सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने की पहल की है, तो इसका लाभ ऊर्जा क्षेत्र को जरूर मिलेगा। गौरतलब है कि अमर सिंह की कंपनी एनर्जी कारपोरेशन इंडिया लि. को 2011 में बार्लीगाड, कुलीबगाड व बर्थी हाइड्रो प्रोजेक्ट आवंटित किए गए थे।

समाजवादी पार्टी में वापसी के सवाल पर पूर्व सांसद अमर सिंह ने कहा कि सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव से उनके रिश्ते हमेशा मधुर रहे हैं, मगर कुछ 'दलालों' ने उन दोनों के बीच आकर दूरियां पैदा कर दीं। अब हालात बदल चुके हैं। उन्हें जब सपा में वापसी करनी होगी, तो बिचौलियों की जरूरत नहीं पड़ेगी। हालांकि, सपा में वापसी को लेकर अभी कोई चर्चा नहीं है, मगर निकट भविष्य में वे वापसी की संभावना से भी इनकार नहीं करते।