Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 07, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    उत्तराखंड के 95 ब्लॉक में लगेंगे ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन

    By BhanuEdited By:
    Updated: Tue, 07 Mar 2017 08:32 PM (IST)

    वर्ल्‍ड बैंक की वित्तीय मदद से डीएमएमसी ने राज्य के सभी 95 ब्लॉक में आटोमैटिक वेदर स्टेशन, ऑटोमैटिक रेन व स्नो गेज लगाने की योजना बनाई है। इससे मौसम क ...और पढ़ें

    उत्तराखंड के 95 ब्लॉक में लगेंगे ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन
    उत्तराखंड के 95 ब्लॉक में लगेंगे ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन

    देहरादून, [जेएनएन]: जलवायु परिवर्तन को समझने के लिए मौसम के डाटा सबसे अहम भूमिका निभाते हैं। यह डाटा जितना विस्तृत होगा, रुझान उतने ही स्पष्ट होंगे। उत्तराखंड की बात करें तो मौसम विज्ञान विभाग के पास इस तरह के डाटा बैंक का अभाव है। 

    हालांकि अच्छी खबर यह कि वर्ल्‍ड बैंक की वित्तीय मदद से डीएमएमसी ने राज्य के सभी 95 ब्लॉक में आटोमैटिक वेदर स्टेशन, ऑटोमैटिक रेन व स्नो गेज लगाने की योजना बनाई है। इसके टेंडर भी आमंत्रित किए जा चुके हैं और पांच अप्रैल तक टेंडर प्राप्त किए जा सकेंगे।

    यह भी पढ़ें: अब उत्तराखंड के डाकघरों से मिलेगी मौसम की जानकारी

    डीएमएमसी के प्रोजेक्ट इंप्लीमेंटेशन यूनिट के उप कार्यक्रम प्रबंधक कैलाश पांडे के अनुसार इन स्टेशन से जो भी डाटा प्राप्त होगा, उसे आइएमडी (इंडियन मिट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट) को भेजा जाएगा। 

    यह भी पढ़ें: उत्तराखंड में 11 मार्च तक बारिश और बर्फबारी के आसार

    साथ ही सचिवालय स्थित डीएमएमसी में भी डाटा सेंटर बनाया जाएगा। डाटा पर काम करने के लिए कर्नाटक सरकार के कर्नाटक स्टेट डिजास्टर मॉनिटरिंग सेंटर के साथ भी एमओयू किया गया है। 

    इसके बाद प्रदेश के पास मौसम का विस्तृत डाटा उपलब्ध होगा, जो अध्ययन व तमाम योजनाओं के निर्धारण में काम आएगा। ब्लॉक स्तर पर स्टेशन लगाने के बाद अगले चरण में ग्राम पंचायत स्तर पर भी ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन, रेन व स्नो गेज लगाए जाएंगे।

    यह भी पढ़ें: उत्तराखंड में 48 फीसद कम हुई शीतकालीन बारिश, चढ़ा पारा 

    खबरें और भी