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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 09, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रेल बजट अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरा: सीएम

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Updated: Wed, 09 Jul 2014 01:00 AM (IST)

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राज्य ब्यूरो, देहरादून

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने रेल बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह रेल बजट उत्तराखंड की अपेक्षाओं पर दूर-दूर तक खरा नहीं उतरा है। पहले से स्वीकृत ऋषिकेश-कर्णप्रयाग, टनकपुर-बागेश्वर, डोईवाला-ऋषिकेश, रुड़की-देवबंद रेल लाइन के लिए इस बजट में कुछ नहीं कहा गया है। इनकी स्वीकृति पिछली केंद्र सरकार के समय मिली थी लेकिन इनके लिए बजट का प्रावधान न करने से राज्य की जनता के साथ अन्याय हुआ है।

मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि रेल बजट भाषण में उत्तराखंड सहित ऐसे सभी क्षेत्रों, जहा रेल सेवाएं पिछड़ी हुई हैं, के लिए रेल परियोजनाओं को हानिप्रद बताकर केंद्र सरकार अपनी सामाजिक जिम्मेदारी से विमुख नजर आई। उन्होंने कहा कि हम रेलवे को आर्थिक विकास के साथ ही सामाजिक विकास से भी जोड़ते रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि रामनगर-चौखुटिया रेल लाइन को मंजूरी देकर गैरसैंण की भावना को मजबूत किया जा सकता था, परंतु इसके लिए भी रेल बजट में कुछ नहीं कहा गया है।

रेल किराया न बढ़ाने से रेल परियोजनाओं को कम किए जाने की बात तर्कसंगत नहीं कही जा सकती। रेल परियोजनाओं को केवल लाभ के लिए चलाना तय कर केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारी से बचना चाहती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें बहुत आशा थी कि प्रदेश के लिये पहले से स्वीकृत रेल परियोजनाओं पर बनी राष्ट्रीय सहमति को केंद्र सरकार आगे बढ़ाएगी लेकिन रेल बजट हमारी अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरा।