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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 07, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

विधानसभा चुनाव के बाद होगा भारत-म्यांमार सीमा का सर्वे

By gaurav kalaEdited By:
Published: Wed, 07 Sep 2016 10:46 AM (IST)Updated: Wed, 07 Sep 2016 07:37 PM (IST)

भारत-म्यांमार सीमा को स्पष्ट रूप देने के लिए देहरादून में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि विधानसभा चुनाव के बाद सर्वे की तिथि घोषित की जाएगी।

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देहरादून, [जेएनएन]: भारत और म्यांमार के महासर्वेक्षक स्तर की दो दिवसीय बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में देर शाम संपन्न हो गई। बैठक के पहले दिन यह तो तय कर लिया था कि भारत-म्यांमार सीमा को सुस्पष्ट व चाक चौबंद बनाने के लिए संयुक्त सर्वे किया जाएगा।
हालांकि इसकी तिथि बैठक के दूसरे दिन घोषित की जानी थी। दूसरे दिन की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि मणिपुर में फरवरी 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव के बाद ही सर्वे की तिथि घोषित की जाएगी।

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वैसे तो म्यामांर के साथ भारत के संबंध मैत्रीपूर्ण हैं, मगर जून में भारतीय सेना के म्यांमार सीमा में 16 किलोमीटर भीतर घुसकर उग्रवादियों को मार गिराने के बाद सीमा की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। वह इसलिए कि सेना की कार्रवाई के बाद उग्रवादियों के भारतीय सीमा क्षेत्र में हमले की आशंका बढ़ गई है और भारत-म्यामांर करीब 2000 किलोमीटर लंबी सीमा का बड़ा हिस्सा अस्पष्ट व खुला है।सीमा क्षेत्र को हर लिहाज से चाक चौबंद बनाने के लिए ही दोनों देशों के महासर्वेक्षकों की बैठक का निर्णय लिया गया।
इसके लिए म्यांमार के महासर्वेक्षक कार्यालय का सात सदस्यीय दल दून पहुंचा था। मंगलवार को दून के हाथीबड़कला स्थित सर्वे एस्टेट में शुरू हुई बैठक में सीमा क्षेत्र के पिलरों की स्थिति व अतिक्रमण को लेकर चर्चा की गई थी।

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बैठक में प्रमुख रूप से भारत-म्यांमार सीमा के मणिपुर सेक्टर पर चर्चा की गई। यहां के चांदेल जिले के मोरे कस्बे क्षेत्र में ही भारतीय सेना ने उग्रवादियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाया था। गंभीर यह कि इस क्षेत्र में सीमा बेहद खुली है और यहां अक्सर लोग बेरोकटोक सीमा के आर-पार आवागमन करते हैं। इस जैसे अन्य क्षेत्रों में भी सीमा के दोनों तरफ 10-10 किलोमीटर नोमैन्स लैंड की स्थिति का आकलन दोनों देश के सर्वेक्षक करेंगे। भारत के महासर्वेक्षक स्वर्ण सुब्बा राव ने कहा कि सीमा की सुस्पष्ट स्थिति को लेकर दोनों ही देश संजीदा हैं।

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