यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 09, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'सब चलता है' की मनोवृत्ति से बाहर आएं: सीएम हरीश रावत
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि हम सबको 'सब चलता है' की मनोवृत्ति से बाहर आना होगा। उत्तराखंड उपभोक्ता प्रधान राज्य है। इसलिए गुणवत्ता को लेकर सबसे अधिक जरूरत यहां है।

देहरादून, [जेएनएन]: उपभोक्ता जागरुकता के लिए सभी की सहभागिता से अभियान चलाना होगा। वस्तुओं व सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए हमें 'सब चलता है' की मनोवृत्ति से बाहर आना होगा। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने एक स्थानीय होटल में उत्पादों व सेवाओं में क्वालिटी पर आयोजित उपभोक्ता जागरुकता कार्यक्रम में यह बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना स्थान बनाना है तो प्रतिस्पर्धात्मक होना होगा और क्वालिटी कंट्रोल पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड उपभोक्ता प्रधान राज्य है। इसलिए गुणवत्ता को लेकर सबसे अधिक जरूरत यहां है। 'मुझे बेहतर मिले' यह उपभोक्ता का अधिकार है। इस अधिकार के प्रति सभी को जागरूक होना होगा। सभी व्यावसायिक संस्थाओं के साथ ही सरकारी व शैक्षिक संस्थाओं का भी दायित्व है कि अपनी सेवाओं में उच्च गुणवत्ता कायम करें।
राज्य सरकार व केंद्रीय संस्थाओं भारतीय मानक ब्यूरो, क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया में समन्वय होना आवश्यक है। कार्यक्रम में पूर्व सांसद रामजी भाई मवानी, उत्तरांचल विश्वविद्यालय के कुलपति एससी जोशी, क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के संयुक्त निदेशक राजेश महेश्वरी आदि उपस्थित रहे

