विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 02, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नोटबंदी व जीएसटी के विरोध में काला दिवस मनाएगी कांग्रेस

By BhanuEdited By:
Published: Thu, 02 Nov 2017 12:28 PM (IST)Updated: Thu, 02 Nov 2017 09:13 PM (IST)

नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश ने कहा कि नोटबंदी कर जिस कालेधन को वापस लाने का जो वादा किया गया ...और पढ़ें

नोटबंदी व जीएसटी के विरोध में काला दिवस मनाएगी कांग्रेस
नोटबंदी व जीएसटी के विरोध में काला दिवस मनाएगी कांग्रेस

देहरादून, [राज्य ब्यूरो]: कांग्रेस नोटबंदी और जीएसटी को लागू करने के तरीके के विरोध में आठ नवंबर को देश भर में काला दिवस मनाएगी। इस कड़ी में प्रदेश में भी कांग्रेस ब्लॉक, तहसील व जिला स्तर पर विरोध स्वरूप प्रदर्शन करेगी। 

नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश ने कहा कि नोटबंदी कर जिस कालेधन को वापस लाने का जो वादा किया गया था वह पूरा नहीं हो पाया है। रही-सही कसर केंद्र सरकार ने खाद्यान्न वितरण की जगह बैंक में पैसा जमा कराने के निर्णय से पूरी कर दी है। 

विधानसभा में पत्रकारों से बातचीत में नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश ने कहा कि नोटबंदी के दौरान पूरा देश कठिनाई के दौर से गुजरा। केंद्र ने इसके जरिये कालाधन वापस लाने की बात कही, लेकिन यह कालाधन अभी तक ढूंढे नहीं मिल रहा है। रही-सही कसर सरकार ने बैंकों से रुपये निकासी की सीमा तय कर पूरी कर दी। 

उन्होंने कहा कि जीएसटी लगाकर सरकार ने लोगों की कमर तोड़ दी है। सूती कपड़े में कभी जीएसटी नहीं लगा लेकिन केंद्र सरकार ने गुजरात में भी इस पर जीएसटी लगा दिया। देश की अर्थव्यवस्था चौपट है। गैस सिलेंडर की कीमतें बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि इन सब बातों के विरोध में आठ नवंबर को जुलूस, पोस्टर बैनर और काली पट्टी बांध कर विरोध प्रकट किया जाएगा। 

गैरसैण में नहीं होना चाहिए शीतकालीन सत्र

नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने कहा कि गैरसैण में शीतकालीन सत्र नहीं होना चाहिए। इसका कारण यह कि यहां बहुत ठंड होती है। जनप्रतिनिधियों के लिए तो सरकार इंतजाम कर लेगी लेकिन सरकारी कर्मचारियों व अन्य व्यवस्थाओं में लगे लोगों की व्यवस्था बहुत मुश्किल होगी। इसलिए यहां सत्र नहीं होना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि आलोचना से बचने के लिए भाजपा सरकार यह कदम उठा रही है। भाजपा ने इसे ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने की बात कही है, इसलिए यहां ग्रीष्मकाल में ही सत्र होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिजनेस कमेटी का विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार माफी नहीं मांगती। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेगा और सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा।

भ्रष्टाचार मिटाने में रुचि नहीं, इसलिए नहीं ला रहे लोकायुक्त

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार मिटाने में कोई रुचि नहीं है। इसलिए लोकायुक्त व शिक्षा विभाग का तबादला एक्ट नहीं लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूडी के लोकायुक्त की सबने तारीफ की थी। बावजूद इसके प्रदेश सरकार ने मामले को प्रवर समिति के हवाले किया। 

उन्होंने गांव को जबरन निगमों में मिलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसका सरकार को कोई फायदा नहीं होगा। उलट गांवों का पर्यावरण इससे प्रदूषित होगा। 

मुझे नहीं पता किशोर की चिंता क्या है

किशोर उपाध्याय की पहल पर आयोजित उत्तराखंड विमर्श कार्यक्रम के संबंध में पूछे गए सवाल पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि किशोर उपाध्याय को क्या चिंता है। राज्य गठन के बाद वे कांग्रेस सरकार का हिस्सा रहे हैं। वे पहले बताएं कि उन्होंने राज्य के लिए क्या किया। उन्होंने कहा कि अचानक 17 साल बाद कोई दार्शनिक बन कर चिंता दिखा रहा है तो क्या कहा जा सकता है। अगर कोई इससे प्रचार पाना चाहता है तो भी क्या कहा जा सकता है।

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड राज्य संवारने को फिर से संघर्ष की दरकार

यह भी पढ़ें: सत्ता नहीं व्यवस्था परिवर्तन के लिए बनी पार्टी: दिवाकर भट्ट

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड में भाजपा सरकार चली कांग्रेस की राह, सत्ता बदली पर मुद्दे वही

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।