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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 01, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    उत्‍तराखंड में आपदा प्रबंधन को एसडीआरएफ समेत आईटीबी जवान रवाना

    By gaurav kalaEdited By:
    Updated: Fri, 01 Jul 2016 05:09 PM (IST)

    अपर सचिव आपदा प्रबंधन सी. रविशंकर ने कहा कि जनपद पिथौरागढ़ व चमोली में हुई भारी वर्षा और भूस्खलन की घटना को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग सतर्क कर दिया ...और पढ़ें

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    देहरादून, [जेएनएन]: उत्तराखंड में भारी बारिश के चलते पहाड़ से लेकर मैदान सब जगह जीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है। अपर सचिव आपदा प्रबंधन सी. रविशंकर ने कहा कि जनपद पिथौरागढ़ व चमोली में हुई भारी वर्षा और भूस्खलन की घटना को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग सतर्क कर दिया है। उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारियों से निरंतर संपर्क स्थापित किया जा रहा है।
    रविशंकर ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में एन.डी.आर.एफ., एस.डी.आर.एफ., एस.एस.बी., आई.टी.बी.पी. व खोज एवं बचाव दल घटना स्थल के लिए रवाना कर दिये गये हैं। जिलाधिकारियों को यह भी निर्देश दिये है कि जनपदों में घटित होने वाली घटनाओं की जानकारी अविलंब आपदा प्रबंधन विभाग को दी जाय।

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    प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न सामग्री की पूरी व्यवस्था की गई है। बंद रास्तों को तत्परता से खोला जा रहा है। नदियों के किनारे निवास करने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
    अपर सचिव रविशंकर ने कहा कि जनपद देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर, टिहरी, नैनीताल व पौड़ी में भी मौसम विभाग द्वारा भारी वर्षा की संभावना व्यक्त की गई है। जनपद हरिद्वार व ऊधमसिंहनगर जिले में तथा देहरादून, पौड़ी व नैनीताल जिलों के मैदानी क्षेत्रों में नदी, बरसाती नालों व जल भराव वाले अन्य क्षेत्रों में पानी व मलवा आदि आने की संभावना है।

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    उन्होंने संबंधित जिलाधिकारियों को इन क्षेत्रों में रह रहे परिवारों और नागरिकों को भारी बारिश के संबंध में सार्वजनिक सूचना देने की बात कही है। सभी नागरिकों को सतर्क किया जाए और वर्षा व जल भराव पर सतत नजर रखी जाय। अतिसंवेदनशील चिहिन्त क्षेत्र में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रखा जाय।
    संभावित अतिवृष्टि से होने वाली घटनाओं के प्रतिवादन हेतु राहत बचाव कार्मिकों को सतर्क और तैयार रखा जाय। संवेदनशील स्थानों पर आवाजाही को बंद किया जाय व जहां आवश्यक हो स्कूलों आदि को भी बंद करने के निर्देश जारी किया जाय।

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