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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 23, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    पहाड़ की बेटी ने बढ़ाया मान, पुणे में एमडी कोर्स के लिए हुआ चयन

    By Sunil NegiEdited By:
    Updated: Wed, 24 May 2017 06:00 AM (IST)

    लैंसडौन निवासी डॉ. ज्योति कुमार का चयन आर्म्‍ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज, पुणे में एमडी कोर्स के लिए हुआ है। डॉ. ज्योति वर्तमान में सामुदायिक स्वास्थ्य कें ...और पढ़ें

    पहाड़ की बेटी ने बढ़ाया मान, पुणे में एमडी कोर्स के लिए हुआ चयन
    पहाड़ की बेटी ने बढ़ाया मान, पुणे में एमडी कोर्स के लिए हुआ चयन

    देहरादून, [जेएनएन]: पहाड़ की बेटियां पंख फैलाकर सफलता के फलक पर परवाज भर रही हैं। ऐसा शायद ही कोई क्षेत्र होगा, जिसमें उन्होंने धाक न जमाई हो। इस बार उत्तराखंड की एक बेटी ने चिकित्सा क्षेत्र में कामयाबी की सीढ़ी चढ़ी है। लैंसडौन निवासी डॉ. ज्योति कुमार का चयन आर्म्‍ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज, पुणे में एमडी कोर्स के लिए हुआ है। डॉ. ज्योति वर्तमान में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नैनबाग में तैनात हैं।

    आर्म्‍ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज यानी एएफएमसी में दाखिला मेडिकल क्षेत्र के किसी भी युवा का सपना होता है। मगर यहां सीट सीमित हैं और मुकाबला बेहद कड़ा। ऐसे में बहुत ही कम लोगों की यह ख्वाहिश पूरी हो पाती है। लेकिन, मूल रूप से लैंसडौन और अब देहरादून निवासी डॉ. ज्योति ने यह कर दिखाया। 

    राज्य सहकारी बैंक में प्रबंध निदेशक दीपक कुमार की यह बेटी शुरू से ही होनहार रही है। उन्होंने 12वीं दून के कॉन्वेंट स्कूल से की। जिसमें उन्होंने 88 प्रतिशत अंक हासिल किए। इसके बाद उन्होंने मेडिकल की प्रवेश परीक्षा पास कर अपने सपने की तरफ पहला कदम बढ़ाया। डॉ. ज्योति श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के प्रथम बैच की छात्रा रही हैं। 

    जहां से पास आउट होने के बाद उन्हें सीएचसी नैनबाग में तैनाती मिली। एक तरफ उन्होंने तत्परता से गरीब मरीजों की सेवा की और दूसरी तरफ आर्म्‍ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज को अपना ध्येय बनाया। लगन और मेहनत के बूते उन्हें इसमें सफलता मिली। डॉ. ज्योति का भाई विशाल भी एमबीबीएस कर रहा है।

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