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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 25, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    पूर्व विधायक भीमलाल आर्य ने फिर दी धमकी, समस्याओं को लेकर देंगे धरना

    By BhanuEdited By:
    Updated: Wed, 26 Oct 2016 04:00 AM (IST)

    पूर्व विधायक भीमलाल आर्य ने मुख्यमंत्री हरीश रावत को पत्र लिखकर घनसाली क्षेत्र की चार लंबित मांगों पर कार्यवाही की मांग की। साथ ही इन मांगों को लेकर ...और पढ़ें

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    देहरादून, [राज्य ब्यूरो]: पूर्व विधायक भीमलाल आर्य एक बार फिर घनसाली क्षेत्र की समस्याओं को लेकर आंदोलन की राह पर हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री हरीश रावत को पत्र लिखकर घनसाली क्षेत्र की चार लंबित मांगों पर कार्यवाही की मांग की।
    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के कई बार निर्देश के बाद भी विभागीय अफसर मांगों पर उचित कार्यवाही नहीं कर रहे। उन्होंने उक्त मांगों पर कार्यवाही न होने पर 27 अक्टूबर से अपर मुख्य सचिव शिक्षा के कार्यालय के समक्ष बेमियादी धरना व आमरण अनशन करने की चेतावनी भी दी।

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    सीमांत क्षेत्र घनसाली की विभिन्न मांगों व समस्याओं के निदान की मांग को लेकर पूर्व विधायक भीमलाल आर्य अक्सर धरना व अनशन जैसे कदम उठाते रहे हैं। पिछले दिनों भीमलाल उस वक्त खासी सुर्खियों में आए, जब वह कुछ क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री आवास के समक्ष अनशन पर बैठ गए।

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    अक्सर मुख्यमंत्री हरीश रावत को अपना पितातुल्य बताने वाले आर्य ने इस दौरान मुख्यमंत्री पर भी सीधा हमला बोला। साथ ही, मुख्यमंत्री पर उनकी राजनीतिक हत्या करने का भी आरोप लगा दिया।

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    हालांकि, दो दिन तक धरना व अनशन के बाद मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा मांगों पर कार्यवाही का भरोसा दिए जाने के बाद उनके सुर फिर से नरम हो गए। एक बार फिर आर्य ने शिक्षा विभाग से जुड़े क्षेत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर आंदोलन की चेतावनी दी।

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    उन्होंने सीमांत गांव गेंवाली उच्चतर प्राथमिक विद्यालय के हाईस्कूल में उच्चीकरण, इंटर कालेज नौलवासर में विद्यालय भवन निर्माण जैसी मांगें उठाईं। साथ ही, मांगें पूर्ण न होने पर 27 अक्टूबर से अपर मुख्य सचिव शिक्षा के कार्यालय के समक्ष धरना व अनशन की चेतावनी दी।

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